देखिये वो मंदिर जहाँ श्रीकृष्ण ने किया था रुकमणि के साथ ‘हरण विवाह’, यहाँ मान लेने से जल्दी होती हैं शादी

दोस्तों वैसे तो भारत में श्रीकृष्ण के कई सारे मंदिर हैं लेकिन आज हम आपको एक ऐसे फेमस मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जहाँ भगवन श्रीकृष्ण और रुकमणि का विवाह हुआ था. जैसा कि आप सभी जानते हैं श्रीकृष्ण ने ये विवाह रुकमणि के हरण पश्चात किया था. ऐसे में ये घटना जहाँ हुई थी आज हम आपको उसी मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं. दरअसल इस प्रसिद्द मंदिर का नाम हैं ‘अवंतिका देवी मंदिर. ये दिलचस्प मंदिर उत्तर प्रदेश के बुंलदशहर जिले में अनूपशहर तहसील के जहांगीराबाद से करीब 15 किलोमीटर दूर बना हुआ हैं. ये मंदिर यहाँ गंगा नदी के तट पर स्थापित हैं. ऐसा कहा जाता हैं कि इसी मंदिर में भगवान कृष्ण ने रुकमणि से ‘हरण विवाह’ किया था. इस बात का जिक्र हमें महाभारत और श्रीमद्भागवद जैसे ग्रंथो में देखने को भी मिलता हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दे कि महाभारत के दौर में इस मंदिर का नाम ‘आहार’ था.

प्राचीन कथाओं की माने तो रुकमणि के भाई रुकन और पिताजी ने उनकी शादी पहले से शिशुपाल के साथ तय कर दी थी. हालाँकि रुकमणि को ये शादी स्वीकार नहीं थी. ऐसे में उन्होंने मंदिर के पुजारी से कहा कि वे श्रीकृष्ण तक उनकी बात पंहुचा दे. इसके बाद कृष्ण को जैसे ही इस बारे में पता लगा तो वे आकर रुकमणि जी का हरण कर उन्हें ले गए और उनके साथ विवाह कर लिया. ऐसे में जिस मंदिर में कृष्ण और रुकमणि एक हुए थे वो यही अवंतिका देवी मंदिर था.

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि ये मंदिर काफी फेमस हैं. यहाँ देवी माँ की दो मूर्तियाँ विराजित है. जिसमे एक तरफ मां भगवती जगदंबा तो दूसरी तरफ सती जी विराजमान हैं. इन्ही दोनों मूर्तियों को अवंतिका देवी के नाम से जाना जाता हैं. इस मंदिर की एक और दिलचस्प बात ये हैं कि यहाँ आने वाले भक्त देवी जी कि अन्य मंदिरों की तरह पोशाक या चुनरी नहीं चढाते हैं. बल्कि इन देवियों को सिंदूर, देशी घी का चोला और आभूषण चढ़ाए जाते हैं. ऐसा कहा जाता हैं कि अवंतिका देवी को ये सामग्रियां चढ़ाने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं. इतना ही नहीं जो लड़कियां कुँवारी हैं और जिसकी शादियाँ नहीं हो रही हैं वे यदि इस मंदिर में आकर देवीजी की पूजा करती हैं और मान लेती हैं तो कुछ ही समय में उनकी शादी हो जाती हैं. बताते चले कि स्वयं रुकमणि ने भी इसी मंदिर में देवी माँ का पूजन किया था जिसके बाद उन्हें पति के रूप में श्रीकृष्ण मिले.

दोस्तों आपको ये मंदिर की दिलचस्प जानकारी कैसी लगी हमें कमेंट में जरूर बताए. साथ ही इसे अपने दुसरे साथियों के साथ जरूर शेयर करे, ताकि वे भी इस जानकारी का लाभ ले सके. इसके साथ ही इस तरह की धार्मिक और अन्य ख़बरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहे. हमारी हमेशा यही कोशसिह रहती हैं कि हम आप सभी के लिए नई नई और दिलचस्प खबरे खोजकर लाए और उन्हें आपके सामने प्रस्तुत करे. इस तरह आपको पूरी दुनियां की जानकारी रहेगी.