पीरियड्स में होने वाली गड़बड़ी के लिए महिलाएं खुद होती हैं जिम्मेदार हैं, आज ही बदल लें ये आदतें

हर महिला के जीवन में पीरियड्यस यानि महावारी से जुड़ी समस्याओं को झेलना पड़ता है, वहीं ये भी बता दें कि हर औरत के लिए महीने के वो दिन अलग होते हैं। वहीं कुछ महिलाओं को इन दिनों में तेज दर्द सहना पड़ता है तो कुछ के लिए ये सामान्य होता है। ये बात तो सच है कि पीरियड्स के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के हॉर्मोनल बदलाव होते हैं। लेकिन ये भी बता दें कि अगर किसी को मासिक धर्म में गड़बड़ी की समस्या और शिकायत अक्सर महिलाओं को होती है। इतना ही नहीं ये भी बता दें कि महिलाओं के शरीर में हॉर्मोन्स में जरा सी गड़बड़ी या फिर तनाव के कारण पीरियड्स में अनियमितता आ जाती है। इसलिए आज हम आपको पीरियड्स में गड़बड़ी के कुछ कारण बताने जा रहे हैं जो आपकी गलती के कारण होता है।

ये हैं पीरियड्स में गड़बड़ी के कारण

सबसे पहली और महत्वपूर्ण बात आपको बता दें कि जो भी महिला ज्यादा शराब पीती है या फिर धूम्रपान करती है तो उसके साथ ऐसी समस्याएं उत्पन्न होती है क्योंकि हमारा लीवर एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन को मेंटेन करता है और इन्हें मेटाबॉलाइज करके महिलाओं के मासिक धर्म को नियमित करने का काम करता है। आपको बता दें कि हमारे शरीर में अल्कोहल का सेवन लीवर को नुकसान पहुंचाता है और इससे पीरियड पर बुरा असर पड़ता है।

इसके अलावा ये भी बता दें कि ज्यादा एक्सरसाइज करने से भी पीरियड्स में अनियमितता की समस्या आती है क्योंकि पीरियड्स होने के लिए भी शरीर में उर्जा होना बेहद जरूरी है लेकिन जब ये शक्ति लोग ज्यादातर जिम में लगा देते हैं या फिर खूब व्यायाम में करते हैं तो तो म‍हीने के इन दिनों में परेशानी होती है। वहीं अचानक वजन कम होना या बढ़ना भी हार्मोन में परिवर्तन कर देता है।

आपको बता दें कि अगर ओवरी में सिस्‍ट हो तो उसके कारण सही समय पर पीरियड्स का न आने को पीसीओएस भी कहा जाता है और हार्मोन में थोड़ा सा भी बदलाव आता है जिसकी वजह से मासिक धर्म चक्र पर असर पड़ता है और उसे अनियमित कर देता है।

वहीं आपको ये भी बता दें कि कई बार ये समस्या ज्यादा तनाव या फिर स्ट्रेस होने के कारण भी होता है क्योंकि सबसे बड़ी बात है कि स्‍ट्रेस का सीधा असर हार्मोन परपड़ता है जोकि एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के निर्माण में बाधा उत्पन्न करता है और अगर रक्त धारा में स्‍ट्रेस हार्मोन बढ़ जाता है तो आपकी साइकिल पर भी असर पडता है।

कई बार तो दवाईयों के सेवन से भी पीरियड्स पर असर पड़ता है क्‍योंकि कुछ दवाइयां एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के लेवर पर असर डालती हैं। कई बार मेनोपॉज शुरू होने के 1 से 2 साल पहले से भी अनियमित पीरियड शुरू हो जाते हैं।

वहीं आपको बता दें कि वजन की अधिकता भी अनियमित पीरियड्स का कारण बन जाती है और सही पोषण न लेने पर या फिर वजन ज्यादा होने पर कुछ हारमोन के स्राव की मात्रा बदल जाती है। वहीं अगर आप मोटी हैं और ऐसी डाइट खा रही हैं जो कार्बोहाइड्रेट या वजन बढ़ाने वाली है तो शरीर में कुछ तरह के हार्मोनों से स्तर में बदलाव आ सकता है।

यह भी पढ़ें :

वीडियो: सड़क पर चलते हुए लड़की को आया पहला पीरियड, उसके बाद लड़के ने किया ऐसा कि याद रखेगी पूरी दुनिया