होली में ठंडी ठंडी ठंडाई पीने से सेहत को होते हैं कई लाभ,जाने होली स्पेशल ठंडाई बनाने की रेसेपी

बस कुछ दिन और फिर आ जाएगा होली का वो रंगीन त्यौहार। गुंजियां, गुलाल, मस्ती, भांग और ठंडाई से सजे इस त्यौहार का बहुत ही बैचेनी से इंतजार किया जाता है। हर जगह की होली खेलने की अलग अलग प्रथा है कहीं कपड़ा फाड़, तो कहीं पर फिर लठ मार। होली है भईया मस्ती का दिन है और इसे जैसे मर्जी खेलों बस मौज के साथ और बिना किसी को नुकसान पहुंचाएं इस त्यौहार का आनंद लो। और अगर कोई बुरा मान भी जाएं तो बस फिर उसे प्यार से कह दो “बुरा न मानो होली है”।

होली सिर्फ मौज-स्ती का ही नहीं बल्कि खाने-पीने का भी त्यौहार है। अलग अलग तरह के पकवानों के साथ-साथ होली में एक अलग ही तड़का ठंडाई भी लगाती है। होली के रंगों और पकवानों के साथ  अगर ठंडाई की ठंडक मिल जाये तो बात ही कुछ और हो जाती है। ज्यादातर लोग होली के इस मौसम में ठंडाई पीने का शौक रखते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं ठंडाई पीने से आपकी सेहत को कितना फायदा होता है।

ठंडाई पीने के फायदे

कब्ज करती है दूर-

ठंडाई में खसखस के बीज होते हैं और ये बीज गैस्ट्रो इंटेस्टाइनल जलन में बहुत ज्यादा राहत देते हैं। जिसकी वजह से कब्ज की समस्या में काफी आराम मिलता है।

न्‍यूट्रि‍शंस से होती है भरपूर-

ठंडाई में प्रोटीन, कैल्शियम और फाइबर जैसे मिनरल होते हैं। जिन्हें लेने से सेहत को बहुत फायदा होता है।

नैचुरल एनर्जी करती है प्रदान-

ठंडाई में खसखस के साथ-साथ तरबूज और कद्दू के बीज को भी मिलाया जाता है। और इसके अलावा बादाम और पिस्ता भी ठंडाई में डाले जाते हैं। जिससे शरीर को ताकत मिलती है और पीने वाला चार्जअप हो जाता है।

डिप्रेशन दूर करने में करती है मदद-

ठंडाई बनाते वक्त इनमें तरबूज और कद्दू के बीजों को मिलाया जाता है. यह शरीर को नैचुरल एनर्जी देता है. इसके अलावा ठंडाई में मिले बादाम और पिस्ता से भी शरीर को ताकत मिलती है और पीने वाला इससे चार्जअप रहता है.

 पाचन क्रिया हो जाती है बेहतर-

ठंडाई में मिलने वाली सौंफ शरीर को ठंडक देती है और सौंफ से गैस्ट्रिक समस्याएं भी दूर होती हैं। इसके अलावा सौंफ में एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण भी मौजूद होते हैं, जिससे आपके बॉडी की डाईजेशन सुधरती है।

आइए जानते हैं इसे बनाने का तरीका…

सामग्री:

पानी- 1 कप ,दूध- आधा लीटर ,चीनी – आवश्यकतानुसार ,खरबूजे के बीज – 2 बड़े चम्मच ,सौंफ- 1/2 बड़ा चम्मच ,सौंफ के बीज- 100 ग्राम ,गुलाब की पंखुड़ियां- एक मुट्ठी ,गुलाब जल – 1/2 चम्मच ,काली मिर्च – 1 छोटा चम्मच ,हरी इलायची- 1/2 बड़ा चम्मच ,खसखस – 100 ग्राम ,बादाम- 2 बड़े चम्मच

बनाने की विधि:

1. ठंडई बनाने के लिये सबसे पहले एक बर्तन में चीनी और पानी मिला कर उबाल लगा लीजिये और उसके बाद 5 -6 मिनट पका कर ठंडा कर लीजिए।
2. अब सौंफ, काली मिर्च, बादाम, खरबूजे के बीज, इलायची के दाने और खसखस को साफ कीजिए और धोकर 1 घंटे के लिये पानी में भिगो कर रख दीजिए।
3. अब पानी निकाल कर बादाम को छील लीजिए और मिक्सी में ये छिले हुए बादाम और बाकी सारे मेवा-मसाले डाल कर बारीक पीस लीजिए।
4. अब इस मिश्रण को दूध में मिला दीजिए।

5. अब दूध में चीनी की चाशनी और केसर मिलाकर, इसे धीमी आंच पर करीब 5 मिनट पकाएं।

6. बाद में इसे ठंडा कर लें। गुलाब की पंखुड़ियों और बादाम के साथ इसे गार्निश करके सर्व करें।