अमेरिका के इस जनरल की वजह से रिहा हुए थे अभिनंदन, पाकिस्तान का कर दिया था जीना हराम

विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान को पाकिस्तान से भारत आए 15 होने आ गए हैं. ऐसे में आज हम आपको उनके पाकिस्तान से भारत आने की कोशिश करने वाले एक विशेष शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं. जैसा की आप सभी जानते हैं भारत और पाकिस्तान के बीच काफी तनावपूर्ण माहोल चल रहा हैं. इसकी शुरुआत तब हुई जब भारत ने पुलवामा का बदला लेने के लिए 26 फरवरी को पकिस्तान में अपने १२ मिराज 2000 विमान भेजे थे. इंडियन एयरफोर्स के इन विमानों ने पकिस्तान में 80 किलोमीटर अंदर घुस जैश के कैंप को निशाना बनाया था. भारत ने इस दौरान बालाकोट, मुज्जफराबाद और चिकोटी में एयरस्ट्राइक की थी. इसमें जैश के 200 से ज्यादा लोग ख़त्म हुए थे.

इस घटना से बौखलाए पकिस्तान ने फिर 27 फरवरी को भारत मे घुसपैठ के इरादें से अपने कुछ एफ16 फाइटर जेट को भेजा था. हालाँकि इंडियन एयरफोर्स को इसकी भनक लग गई थी और उन्होंने अपने मिग 21 बिसन विमान को जवाबी कारवाई के रूप में इस्तेमाल किया. इस दौरान एक मिग विमान अभिनंदन भी उड़ा रहे थे. उन्होंने पकिस्तान के एक विमान को खदेड़ते हुए गिरा दिया था. हालाँकि इस प्रक्रिया में उनका भी विमान पाक सीमा में क्रेश हुआ था. इसके बाद वे पाकिस्तानी सेना की हिरासत में चले गए थे. हालाँकि भारत ने इसके ऊपर तत्काल एक्शन लिया और पाकिस्तान के ऊपर जोरदार इंटरनेशनल लेवल का दबाव बनाया. इस दबाव के चलते आखिरकर पाकिस्तान को अभिंन्दन को 1 मार्च को रिहा करना ही पड़ा.

अभिनंदन को पाकिस्तान से वापस लाने में यक़ीनन भारत की बहुत कोशिश और मेहनत रही हैं. लेकिन तजा ख़बरों के अनुसार इस काम के लिए अमेरिका के एक जनरल ने भी बहुत अहम रोल निभाया हैं. दरअसल अभिंदन के गिरफ्तार होने के बाद से ही अमेरिकी जनरल जोसेफ वोटेल लगातार पाकिस्तान से संपर्क साध रहे थे. उन्होंने पाकिस्तान को ये बात स्पष्ट कह दी थी की अभिनंदन को जल्द से जल्द सही सलामत भारत वापस भेज दिया जाए. हुआ ये की अभिंदन के पाक में होने के बाद दिल्ली से लेकर वाशिंगटन तक सभी मशीनरी एक्टिव हो गई थी. अमेरिका के मिलिट्री अधिकारी पकिस्तान पर लगातार प्रेशर डाल रहे थे. ऐसे में इस प्रोसेस में अमेरिकी जनरल जोसेफ वोटेल ने बहुत बड़ा योगदान दिया.

आपकी जानकारी के लिए बता दे की वोटेल जिस कमांड के लीडर हैं उसी के ऊपर अफ़ग़ानिस्तान में ऑपरेशन की रिस्पोंसबिलीटी थी. उधर तालिबान से बातचीत करने के लिए पकिस्तान लगातार तड़प रहा था ऐसे में उस दौरान जनरल जोसेफ ने ही अमेरिका की तरफ से आधिकारिक वार्तालाप किया था. वैसे बता दे की जनरल जोसेफ के अतिरिक्त पाकिस्तान से बातचीत में अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एनएसए जॉन बोल्टन भी सम्मिलित रहे हैं. उन्होंने भारत के एनएसएसस अजित डोवाल से संपर्क साधा था. इस दौरान अमेरिका और भारत दोनों ने ही यह साफ़ कर दिया था की अभिनंदन को लेकर पाकिस्तान के साथ कोई भी डील या सौदेबाजी नहीं होगी. साथ ही पाक को अभिनंदन के साथ अच्छा व्यवहार करने की हिदायत दी गई थी. बस भारत और अमेरिका की कोशिशो के बाद आखिर पाकिस्तान को मजबूर होना पडा. उसने अभिनंदन को बिना कोई शर्त के छोड़ दिया.