ध्यान दें, कहीं आप भी अपने बच्चों की परवरिश करते वक्त नहीं कर रहे ये गलतियां

इस संसार में सबसे कठिन काम हैं माँ बाप का कर्तव्य निभाना जिसके एवज में आप का कितना भी बड़ा थैंक्स भी उसकी भरपाई नहीं कर सकता है, मगर आपको बता दें की सही तरीके से माता-पिता की भूमिका निभा पाना इतना भी आसान नहीं होता। हर माँ पिता चाहता है की वो अपने बच्चो को एक अच्छी परवरिश दे जो की उनकी सबसे पहली और सबसे बड़ी जिम्मेदारी है ताकि बच्चे आगे आने वाली जिंदगी में खुद को एक अच्छा इंसान साबित कर सकें। मगर कभी कभी अच्छी सीख और परवरिश देने के चक्कर में माँ बाप काफी ज्यादा उदार हो जाते हैं, तो कभी बहुत ज्यादा सख्त। बच्चों की परवरिश करते समय कई बार वह छोटी-छोटी गलतियां कर देते हैं जिससे अनजाने में ही बच्चे बिगड़ जाते हैं।

माता-पिता का बच्चों को पालने और उन्हें सही-गलत सिखाने का अपना अलग तरीका होता है। इतना ही नहीं, बच्चे अगर गलती करते हैं तो उन्हें अनुशासन सिखाने और सजा देने का तरीका भी हर पैरंट का अलग तरीका होता है मगर कई बार ऐसा भी होता है कि आप बच्चे को आंख दिखाएं, डांट दें, बाद में कोई सरप्राइज देने का लालच भी दें लेकिन बच्चा आपकी बात सुनना बंद कर देता है। ऐसा इसलिए होता है कि क्योंकि हो सकता है बच्चे को अनुशासन सिखाते वक्त आप कुछ गलतियां कर रहे हों। आज यहां हम कुछ ऐसी ही ग़लतियों की बात कर रहे हैं, जो अक्सर पैरेंट्स कर बैठते हैं और जिसका बच्चे के मन पर बुरा असर पड़ता है।

गलती होने पर फील ना करना

अपने बच्चे से माफी मांगने की नौबत आए तो संकोच ना करें। कई बार हालात ऐसे हो जाते हैं कि आप कुछ भूल जाते हैं या बात कहकर पूरी नहीं कर पाते ऐसे में अपने बच्चे से माफी मांग सकते हैं।

सच बताने के बावजूद डांटना

मान लीजिए कि आपके बच्चे ने कोई गलत काम किया और फिर खुद आकर अपनी गलती मान ली लेकिन इसके बावजूद आप उसे डांटते हैं, उस दौरान आप इस बात को भूल जाते हैं कि उसने गलत तो किया ही मगर उसके बाद भी वो कम से कम सच बोलने की हिम्मत जुटाया। मगर आपके इस तरह के अनुशासन के बाद बच्चा आगे से आपसे झूठ बोलेगा या फिर बातें छिपाने लगेगा।

ना करें बच्चे को घूस देने की कोशिश

अगर घर से बाहर निकलते ही बच्चा नखरे दिखाने लगे और बदमिजाजी करने लगे तो उससे सही व्यवहार करने के लिए अक्सर ही पैरेंट्स बच्चे को किसी चीज को दिलाने का लालच या एक तरह से घूस देते हैं। जैसे- आइसक्रीम का लालच या फिर किसी खिलौने का। अगर आप भी इस तरह करते हैं तो आपको बता दें की आप बच्चे को गलत संदेश दे रहे हैं क्योंकि आगे चलकर वह सही व्यवहार करने के बदले भी आपसे अपनी डिमांड को पूरा करवाने की कोशिश करेगा।

भाई-बहन से मुकाबला करना

अक्सर यह देखा गया है की माँ बाप बच्चों में छोटी सी कमियों को पाते ही ये ज़रूर कहने लगते हैं कि तुम अपने भाई-बहन या अन्य लड़कों की तरह गुणवान क्यों नहीं हो? बार बार बच्चे की तुलना किसी के साथ करना सही नहीं है। ऐसा करने से बच्चा अपने ही भाई-बहन या अन्य लोगो को अपना दुश्मन समझना शुरू कर देता है जो की अपने ही आप में एक गलत व्यवहार बनाने लगता है।

 

यह भी पढ़ें :