माता-पिता के गुजर जाने के दो दिन बाद ही परीक्षा देने पहुंची बहादुर लड़की, जाने फिर क्या हुआ?

माता पिता को हमेशा के लिए खो देना एक ऐसी चीज हैं जिसके बारे में हम कभी सोचना भी पसंद नहीं करते हैं. ऐसे में सोचिए उस इंसान पर क्या गुजरती होगी जिसने एक साथ अपने माता पिता को खो दिया हो. आज हम आपको एक ऐसी लड़की से मिलाने जा रहे जिसने एक ही दिन में अपने माँ बाप से हमेशा के लिए जुदा हो गई. 12वी क्लास में पढ़ने वाली इस लड़की की हालत आप सभी समझ सकते हैं. लेकिन ऐसी नाजुक और दुखद स्थिति में भी इस लड़की ने एक ऐसी चीज कर दी जिसके बारे में जान हर कोई हैरान रह गया. दरअसल अपने पेरेंट्स के गुजर जाने के दो दिन बाद ही ये लड़की 12वी के बोर्ड एग्जाम देने स्कूल आ गई. आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.

कार हादसे में गुजरे माता पिता

सांकेतिक तस्वीर

दिल को झंझोड़ कर रख देने वाला ये पूरा आला तमिलनाडु के पलायमकोत्तई का हैं. यहाँ 12वी क्लास की छात्रा जमीम मीरा ने 27 फरवरी को अपने माता पिता को एक कार एक्सीडेंट में खो दिया था. इससे भी दुखद बात ये हैं कि जब ये हादसा हुआ तो जमीम अपने पेरेंट्स के साथ उसी कार में थी. 27 फरवरी की रात को उनकी कार गंगईकोंदन के पास रोड पर खड़े एक ट्रक से टकरा गई थी. बताया जा रहा हैं कि कार ने अपना कंट्रोल खो दिया था. ट्रक से टकराने के बाद जमीम के माता पिता वहीँ स्पॉट पर ही चल बसे. इसके बाद घायल जमीम और उनके रिश्तेदारों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया.

घायल होने के बावजूद गई परीक्षा देने

सांकेतिक तस्वीर

1 मार्च को जमीम का 12वी का बोर्ड एग्जाम था. ऐसे में उसने परीक्षा हाल में आकर हर किसी को हैरान कर दिया. जमीम के चेहरे और बॉडी पर बेंडेज लगी हुई थी लेकिन फिर भी वो परीक्षा देने आ गई. जरा इस लड़की की बहादुरी और लगन देखिए. माता पिता के गुजर जाने का दुःख और खुद के घायल होने के बावजूद वो परीक्षा देने आ गई. जमीम का कहना हैं कि उसके माता पिता का सपना था कि उनकी बेटी उन्ही की तरह डॉक्टर बने. इसलिए वो अपने माता पिता के इस ड्रीम को हर हाल में पूरा करना चाहती थी.

एग्जाम में लाए अच्छे अंक

यहाँ एक और हैरान करने वाली बात ये हैं कि जमीम जब एग्जाम हॉल में बैठ कर परीक्षा दे रही थी उसी दौरान उसके माता पिता को थाईगराज नगर में दफनाया जा रहा था. जमीम के रिश्तेदारों और स्कूल के हवाले से ये भी पता लगा हैं कि जमीम ने अपनी परीक्षा में बेहतरीन अंक हासिल किए हैं.

जमीम जैसी लड़की कई लोगो के लिए एक प्रेरणा हैं. उसकी बहादुरी को हमारा दिल से सलाम हैं. 12वी क्लास में पढने वाली लड़की की ये हिम्मत सच में सराहनीय हैं. हम भगवान से यही प्रार्थना करते हैं कि जमीम आगे अपने करियर में खूब सफल हो और एक बेहतरीन डॉक्टर बने.

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