झारखंड कैबिनेट ने लिया बड़ा फैसला, अब हर किसी को मुफ्त मिलेगा गैस सिलेंडर-चूल्हा बस होनी चाहिए ये एक चीज़

हम सब जानते हैं की अब अगले ही महीने में पूरे देश भर में चुनावी माहौल चा जाएगा जिसका रंग काफी हद तक अभी से ही दिखना शुरू भी हो चुका है। मौजूदा सरकार ने अभी हाल ही में अपने अंतिम बजट में देशवासियों को ढेर सारे तोहफे दिये जो यकीनन चुनाव नतिजाओं पर भी काफी असर दाल सकते हैं। खैर इसके अलावा आपको बताते चलें की अभी राज्य कैबिनेट ने बड़ा निर्णय लेते हुए देश के नागरिकों को एक और तोहफा देने का ऐलान किया है। जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की इस निर्णय के अनुसार यानी की कैबिनेट ने यह तय किया है की उज्ज्वला योजना के तहत सभी राशनकार्डधारियों को मुफ्त सिलेंडर और गैस चूल्हा देने का निर्णय लिया है।

आपकी जानकरी के लिए बताते चलें की अभी तक नियम के अनुसार उज्ज्वला योजना का लाभ केवल एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग के लोगों को ही दिए जाने का प्रावधान था मगर अब कैबिनेट द्वारा चर्चा के बाद केंद्र सरकार ने नए साल में प्रत्येक राशनकार्ड धारक को मुफ्त में कनेक्शन दिए जाने की योजना तैयार की है। राशन कार्ड में परिवार की मुखिया महिला के नाम पर ही इस योजना का लाभ दिया जाएगा। बताते चलें की सरकार की योजना से देशभर की महिलाओं को बहुत ही ज्यादा राहत मिली है और अभी तक जो जो महिलाएं मिट्टी के चूल्हों में धुएँ से झुझते हुए खाना बनती थी वो इस योजना का लाभ उठा कर बेहद ही आनंदित भी हैं।

बताते चलें की अभी तक राज्य में तकरीबन 57 लाख परिवारों के पास राशन कार्ड हैं जिनमें से अब तक 26.5 लाख परिवारों को गैस और चूल्हा दिया जा चुका है। देखा जाए तो इस कड़ी में करीब 30 लाख से अधिक नए परिवारों को इस योजना का लाभ मिल सकता है। हालांकि आपको यह भी बता दें की इस योजना का लाभ उन्हीं लोगों को मिलेगा जिनके पास पहले से राशन कार्ड तो हों मगर उनके पास बही तक कोई भी गैस कनेक्शन नहीं है।

मंगलवार को राज्य कैबिनेट ने इन फैसलों के साथ-साथ कुल 20 प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की। जैसा की बताया जा रहा है राज्य के 57 लाख कार्डधारियों में से लाल कार्ड, पीला कार्ड आदि को पहले ही उज्ज्वला योजना का लाभ मिल चुका है और अब जैसा की केंद्र ने नया फैसला लिया है उसके अनुसार अन्य सभी कार्डधारियों को भी गैस सिलेंडर दिये जाने की व्यसथा बनाई जा रही है जिनके पास गैस कनैक्शन नहीं है।हालांकि आपको यह भी बताते चलें की सरकार के इस निर्णय से राज्य सरकार पर 990 रुपये प्रति चूल्हा और पहली रिफलिंग का वित्तीय बोझ आएगा और अभी तक लाभुकों की वास्तविक संख्या भी सरकार के सामने नहीं है।

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