जापान में एक बार फिर से नजर आई ऐसी मछली, लोगों में फैली डर व सुनामी की आशंका

आजकल कई बार ऐसी घटनाएं सुनने को मिलती हैं जो यकीन करने लायक नहीं होती हैं वहीं ये बात भी सच है कि घटनाएं छोटी हो या फिर बड़ी हर किसी के सामने आ जाती है वो भी चंद सेकेंड में। आज हम आपको एक ऐसी ही खबर के बारे में बताने जा रहे हैं लेकिन सबसे पहले ये बता दें कि ये खबर भारती नहीं बल्कि जापान की है। जी हां आजकल लोग जापान में सुनामी को लेकर बातें हो रही हैं और सुनामी की आहट ने इन लोगों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है।

जी हां ये एक ऐसा डर है जो एक साधारण मछली के कारण आया है। जी हां ये सुनकर आपको थोड़ी हैरानी जरूर हो रही होगी पर ये सच है दरअसल आपको बता दें कि इस मछली के देखे जाने के बाद से ही जापान में लोग मान रहे हैं कि देश में जल्‍द ही कोई खतरनाक प्राकृतिक आपदा आ सकती है।

इतना ही नहीं आपको बताते चलें कि इस मछली का नाम ओरफिश है और इसे टोयामा खाड़ी के पास 10 दिनों के अंदर तीन बार देखा गया है। यह मछली गहरे समंदर में 3,000 फीट गहराई में रहती हैं। कभी-कभी ही यह सतह पर आती हैं। बोनी फिश श्रेणी की मछली ओरफिश की औसत लंबाई तो 18 फुट होती है, लेकिन इसकी अधिकतम लंबाई 50 फुट तक हो सकती है। इसका वजन 272 किलोग्राम तक हो सकता है। बताते चलें कि जब यह लहराती हुई तैरती है तो इसकी पीठ के पंख किसी फीते की तरह दिखते हैं, इस कारण इसे रिबन फिशर्, किंग ऑफ हेरिंग्स भी कहा जाता है। इतनी लंबी मछली होने के बावजूद इसका मुंह बहुत छोटा होता है और यह समुद्र में 3000 फुट तक की गहराई में रहती है। इस कारण इसके सामने खाने की समस्या रहती है।

शायद आपको पता नहीं होगा लेकिन बता दें कि जापान में लोग मानते हैं कि मान्यता है कि ओरफिश ‘समुद्री देवता के महल का संदेशवाहक’ है और भूकंप से पहले वे समुद्र के तट पर आती हैं। एक सर्वे के अनुसार पता चला है कि साल 2011 में तोहोकू भूकंप से पहले उत्तर पूर्वी जापान के समुद्री तट पर करीब 20 मछलियां आई थीं। इतना ही नहीं इनके आने के बाद ही भूकंप भी आया था। हाल के इतिहास में सबसे विनाशकारी था, जिसमें 19,000 लोग मारे गए थे और फुकुशिमा परमाणु ऊर्जा संयंत्र नष्ट हो गया था।

इसके अलावा आपको बताते चलें की अभी कुछ ही दिन पहले फिलीपींस के अगुसन डेल नॉर्ट में ओरफिश मिली थीं। इसके साथ ही ये भी बता दें कि 6.3 तीव्रता के भूकंप से पहले भी तट के पास पांच और ओरफिश मिली थीं। हालांकि, वैज्ञानिकों का कहना है कि ओरफिश के समुद्र तट पर दिखने और भूकंप के बीच कोई निश्चित संबंध नहीं है। मगर, शोधकर्ताओं ने माना कि वे प्राकृतिक आपदाओं को महसूस कर सकती हैं।

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