दूल्हा-दुल्हन ने शादी में आए मेहमानों से गिफ्ट के बदले मांगे पुराने कपड़े और किताबें, वजह जान गर्व करोगे

भारत में जब भी शादी की बात होती हैं तो हमारे दिमाग में एक आलिशान और धूमधडाके वाले शादी की इमेज आ जाती हैं. हर साल लोग अपनी शादी को स्पेशल बनाने के लिए लाखो से करोड़ो रुपए तक खर्च कर देते हैं. लेकिन अब धीरे धीरे कुछ समझदार लोग इसमें बदलाव ला रहे हैं और अपनी शादी को सेलिब्रेशन के साथ एक मीनिंगफुल मतलब भी दे रहे हैं. जैसा कि आप सभी जानते हैं जब भी घर में कोई शादी होती हैं तो उसमे कई सारे गिफ्ट मिलते हैं और घर में इनका ढेर सा लग जाता हैं. इनमे से कुछ गिफ्ट हमें पसंद आते हैं जबकि कुछ कई सालो यूं ही पढ़े रहते हैं या उन्हें किसी दूसरी शादी में टिका दिया जाता हैं. ऐसे में एक कपल ने अपनी शादी में गिफ्ट लेने की इस परंपरा का इतना बेहतरीन इस्तेमाल किया कि हर कोई उनकी जमकर तारीफें करने लगा.

दरअसल हाल ही में आसाम के बक्सा जिले के कटालीगाँव में भूपेन राभा और बबिता बोरो की शादी हुई थी. इस शादी में ऐ मेहमान अपने साथ हाथो में गिफ्ट की बजाए पुराने कपड़े और किताबें ला रहे थे. जब दिल्हे भूपेन से इस बात की वजह पूछी गई तो उन्होंने कहा कि “आमतौर पर शादियाँ अच्छे खाने और ढेर सारे गिफ्ट्स के बारे में होती हैं. ऐसे में मैंने सोचा कि क्यों ना इस परंपरा का फायदा उठाया जाए और समाज के लिए कुछ अच्छा काम किया जाए. इसलिए मैंने अपनी शादी में शामिल होने वाले लगभग 3000 लोगो को जब वेडिंग कार्ड भेजा तो उसमे लिख दिया कि आप शादी में गिफ्ट के बदले पुराने कपड़े और किताबें ले आए.”

भूपेन ने अपने शादी के कार्ड में यह भी लिखा कि ‘मानवता की सेवा के लिए आप लोग मेरी शादी में गिफ्ट के रूप में पुराने कपड़े और किताबें ले आए जिन्हें बाद में जरूरतमंद लोगो को दे दिया जाएगा. बस इसके बाद लोग शादी में यही चीजें लाने लगे.

इतना ही नहीं भूपेन और बबिता ने अपनी शादी में आए मेहमानों को रिटर्न गिफ्ट के रूप में पौधे दिए. भूपेन बताते हैं कि वे एक प्रयावरण फ्रेंडली शादी मानना चाहते थे. ऐसे में शादी में आए सभी मेहमानों को उन्होंने रिटर्न गिफ्ट के रूप में एक पैदा दिया ताकि हरियाली बढ़ सके और पर्यावरण प्रदुषण कम होने में सहायता मिले. भूपेन कहते हैं कि इस तरह की मीनिंगफुल शादी का आईडिया देने में उनकी पत्नी बबिता और दोस्त संदिस लामी ने भी पूरा सपोर्ट किया हैं.

बताते चले कि भूपेन पेशे से मुशालपुर के गवर्नमेंट कॉलेज में इंग्लिश के प्रोफ़ेसर हैं. उनका कहना हैं कि हम कोई राजनेता या सेलिब्रिटीज तो हैं नहीं जो अपनी शादी में शोर शराबा कर फ़ालतू का शो ऑफ करे. यदि हमारी शादी से कोई नेक काम हो सकता हैं तो हमें वही करना चाहिए.

सोशल मीडिया पर भी जब लोगो को उनकी इस शादी के बारे में पता चला तो हर कोई तारीफें करने लगा. हमें भी इस शादी से प्रेरीत होना चाहिए और भविष्य में कुछ ऐसा जरूर करना चाहिए जिससे समाज और प्ररयावरण का भला हो.

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