डॉक्टर, प्रोफेशर, लॉ एक्सपर्ट और पीएचडी होल्डर हैं कुम्भ में आए इस अखाड़े के बाबा, चलाते हैं स्कूल-कॉलेज

दोस्तों जैसा कि आप सभी जानते हैं इन दिनों प्रयागराज (इलाहबाद) में कुंभ मेला चल रहा हैं. 15 फ़रवरी से इस कुंभ मेले की शुरुआत हुई थी. ऐसे में ये 4 मार्च तक चलने वाला हैं. इस कुंभ का हिस्सा बनने के लिए देश विदेश से लाखो लोग रोजाना आ रहे हैं. कुंभ मेले में स्नान का बड़ा महत्त्व रहता हैं. हसकर कि शाही स्नान का हिस्सा बनने के लिए लोगो में काफी क्रेज रहता हैं. हाल ही में 4 फ़रवरी को कुंभ मेले का दूसरा शाही स्नान संपन्न हुआ. इस शाही स्नान में लाखों लोगो के साथ कई साधू संतो ने भी हिस्सा लिया. कई अखाड़े धूमधाम के साथ इस शाही स्नान को करने के लिए तट पर पहुंचे. स्नान के अलावा कुंभ में बाबाओं को लेकर भी लोगो में काफी उत्साह दिखाई देता हैं. जब भी कुंभ मेले का आयोजन होता हैं तो उसमे आने वाले तरह तरह के बाबा आकर्षण का केंद्र रहते हैं.

आमतौर पर बाबाओं के बारे में लोगो को यही लगता हैं कि ये कम पढ़े लिखे लोग हैं. जिन्हें हिंदी और थोड़ी बहुत संस्कृत आती हैं. अंग्रेजी तो बिलकुल नहीं आती होगी. लेकिन ऐसा नहीं हैं. बाबाओं की इस दुनियां में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अंग्रेजी भाषा का अच्छा ख़ासा ज्ञान रखते हैं. इसके अलावा यहाँ आपको हिंदी और संकृत में समूर्ण ज्ञान रखने वाले एक्सपर्ट भी मिल जाएंगे. इतना ही नहीं आज हम आपको एक ऐसे अखाड़े के बारे में बताने जा रहे हैं जो कि सबसे ज्यादा एजुकेटेड अखाड़ों में शुमार हैं. इस अखाड़े में शामिल 70 प्रतिसत साधू संत बहुत ज्यादा पढ़े लिखे हैं. इसमें आपको डॉक्टर भी मिल जाएगा तो पीएचडी डिग्री वाले सही लॉ एक्सपर्ट्स भी मिल जाएंगे. तो चलिए इस अखाड़े के बारे में विस्तार से जान लेते हैं.

दोस्तों ‘निरंजनी अखाड़ा’ भारत के सबसे ज्यादा पढ़े लिखे और हाइली एजुकेटेड अखाड़ो में से एक हैं. इस अखाड़े की स्थापना वोक्रम संवत 960 में गुजरात के मांडवी में हुई थी. इस अखाड़े की नीव शंकराचार्य ने रखी थी. उन्होंने इसके अलावा 6 और अखाड़े भी बनाए थे. आपकी जानकारी के लिए बता दे कि भारत में कुल 13 प्रमुख अखाड़े हैं. ऐसे में इन सभी में निरंजनी अखाड़े को हम सबसे ज्यादा क्वालीफाईड अखाड़ा कह सकते हैं.

इस अखाड़े के बालकानंद जी डॉक्टर, महेशानंद गिरि ज्योग्राफी प्रोफेसर और पूर्णानंद गिरि लॉ एंड संस्कृत एक्सपर्ट हैं. इतना ही नहीं इस अखाड़े में नेट क्वालिफाइड बाबा भी हैं, जिसमे संत स्वामी आनंदगिरि और संत आशुतोष पुरी शामिल हैं. इनमे जहाँ आशुतोष पुरी अपनी पीएचडी पूरी कर चुके हैं तो वहीँ स्वामी आनंदगिरि फिलहाल बनारास से पीएचडी कर रहे हैं. इतना ही नहीं स्वामी आनंदगिरि तो कई बड़े संस्थाओं जैसे आईआईटी खड़गपुर, आईआईएम शिलांग में लेक्चर भी देते रहते हैं.

इतनी ज्यादा उछ शिक्षा पाने का ये साधू लोग सही उपयोग भी करते हैं. दरसल ये अखाड़ा और इसके लोग इलाहाबाद एवं हरिद्वार में 5 स्कूल कॉलेज ओपरेट करते हैं. यहाँ ये छात्रों को पढ़ाई कराने के साथ मैनेजमेंट एवं अन्य व्यवस्थाएं भी संभालते हैं. इस अखाड़े के लोग कार्तिकेय को अपना इष्टदेव मानते हैं. जिन्हें नहीं पता उन्हें बता दे कि कार्तिकेय देवो के सेनापति हैं.