पहले तिरंगा फहरा दिया ईमानदारी पर भाषण, फिर खुद दो घंटे बाद गिरफ्तार हो गए डिप्टी कमिश्नर

26 जनवरी गणतंत्र दिवस के दिन राजस्थान के कोटा में एक ऐसा वाक्य घटित हुआ जो आपके होश उड़ा देगा. यहाँ नारकोटिक्स के डिप्टी कमिश्नर और IRS ऑफिसर डॉ.सहीराम मीणा ने पहले तो सुबह 10 बजे झंडा फहराया और अपने साथियों को इमानदारी की नह्सियते दी. लेकिन इसके ठीक दो घंटे बाद यानी कि दोपहर के 12 बजे उनकी ऐसी पोल खुली कि वे सीधा गिरफ्तार होकर पुलिस स्टेशन चले गए. दरअसल एसीबी ने उन्हें दलाल कमलेश धाकड़ के साथ रिश्वत लेते हुए पकड़ा हैं. ऐसे में जब उनके घर की तलाशी ली गई तो सबके होश उड़ गए. वहां इतनी अधिक मात्रा में पैसे, गहने और संपत्ति के कागजात मिले कि आप सोच भी नहीं सके.

दरअसल जैसे ही उनके घर की तलाशी ली गई तो वहां कपड़े, पोलीथिन और अटैची भर भर के नोटों को गड्डियाँ निकली. ये पैसे इतने अधिक थे कि इन्हें गिनने के लिए नोट गिनने वाली मशीन तक बुलाना पड़ गई. जब इस मशीन से पैसो की काउंटिंग हुई तो इनकी राशि 2 करोड़ 26 लाख 98 हजार 8 सौ रुपए निकली. इसके अलावा उनके घर से 6 लाख और 26 हजार रुपए की कीमत के गहने मिल गए. सहीराम ने अपने और परिवार के नाम से करीब 15 बैंक खाते खुलवा रखे थे और साथ ही उनके पास कुछ बैंक लाकर भी थे. इन बैंक खातो और लाकर की जांच होना अभी बाकी हैं. एसीबी को शंका हैं कि इनके अंदर भी लाखो रुपए हो सकते हैं.

उधर सहीराम का कहना हैं कि मैंने रिश्वत नहीं ली हैं. हालाँकि उसे ये जानकारी नहीं थी कि उसे रिश्वत देने वाले दलाल कमलेश को एसीबी ने पिछले दो महीने से सर्विलांस पर रखा हुआ था. सहीराम ने दलाल कमलेश ने 25 जनवरी की शाम को ही फोन कर बोला था कि वो अगले दिन उसके सरकारी बंगले पर आकर मिले. ऐसे में अगले दिन यानी 26 जनवरी को कमलेश पैसे लेकर करेब 12 बजे सहीराम के घर जा पहुंचा. यहाँ एसीबी ने उन्हें रिश्वत लेते हुए रंगे हाथो पकड़ लिया. हद तो तब हो गई जब सहीराम बोला कि मैंने रिश्वत नहीं ली और कुछ देर बाद तबियत खराब होने का नाटक कर खुद को चलने में असमर्थ बताने लग गया. इसके बाद एसीबी ने उकी मेडिकल जांच करवाई जिसमे डॉक्टर्स ने उन्हें पूरी तरह स्वास्थ बताया. इसके बाद उन्हें पकड़ कर थाने ले जया गया जहाँ उनसे इस मामले में और भी पूछताछ की जा रही हैं.

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि सहीराम को महीने की 1.5 लाख रुपए सैलरी मिलती थी. वो 6 महीने बाद रिटायर होने वाला था. रिटायर्मेंट के बाद वो चुनाव में भी लड़ने की तैयारी करना चाहता था. उसके परिवार के राजनीती में अच्छे व्यवहार हैं. वो कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों में अपनी जगह बनाने के लिए कोशिश कर चूका था. हालाँकि इस कांड के बाद उसकी सभी ख्वाहिशें धरी की धरी रह गई.

संपत्ति जान आ जाएंगे चक्कर

1.50 लाख की सैलरी पाने वाले सहीराम मीणा के पास 300 करोड़ से भी ज्यादा की संपत्ति मिली जिसमे 2.26 करोड़ रुपए नगद उनके जयपुर वाले बंगले में मिले. इसके अलावा उनके पास 106 प्लाट, 6.2 लाख की कीमत के गहने, 1.2 हैक्टेयर कृषि जमीन, एक पेट्रोल पंप, एक मेरिज गार्डन, 25 दुकाने सहित अन्य संपत्ति बरमाद हुई. उन्होंने अपने बेटे मनीष और पत्नी प्रेमलता के नाम पर भी कई सारी प्रापर्टी खरीद रखी थी.