मां सरस्वती की पाना हैं कृपा तो बसंत पंचमी के दिन अवश्य करे ये अचूक उपाय, बुद्धि विद्या का मिलेगा वरदान

बसंत पंचमी हिन्दुओ का प्रमुख त्यौहार है और बसंत पचमी को श्री पंचमी और ज्ञान पंचमी भी कहा जाता है । यह त्यौहार माघ के महीने में शुक्ल पंचमी के दिन मनाया जाता है | पुरे वर्ष को 6 ऋतूओ में बाँटा जाता है , जिसमे वसंत ऋतू , ग्रीष्म ऋतू ,वर्षा ऋतू , शरद ऋतू , हेमंत ऋतू और शिशिर ऋतू शामिल है | इस सभी ऋतूओ में से वसंत को सभी ऋतूओ का राजा माना जाता है , इसी कारण इस दिन को बसंत पंचमी कहा जाता है तथा इसी दिन से बसंत ऋतु की शुरुआत होती है | इस ऋतु में खेतों में फसले लहलहा उठती है और फूल खिलने लगते है एवम् हर जगह खुशहाली नजर आती है तथा धरती पर सोना उगता है अर्थात धरती पर फसल लहलहाती है|

मान्यता है कि इस दिन माता सरस्वती का जन्म हुआ था इसलिए बसंत पचमी के दिन सरस्वती माता की विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है । माँ सरस्वती को विद्या एवम् बुद्धि की देवी माना जाता है | बसंत पंचमी के दिन माँ सरस्वती से विद्या, बुद्धि, कला एवं ज्ञान का वरदान मांगा जाता है । बसंत पंचमी का त्यौहार बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है | इस दिन देवी सरस्वती की पूजा करने के पीछे एक पौराणिक कथा है | सर्वप्रथम श्री कृष्ण और ब्रह्मा जी ने देवी सरस्वती की पूजा की थी|

इस साल 2019 में बसंत पचंमी 10 फरवरी को हैं, पूरे देश में यह पर्व मनाया जाता हैं । इस दिन देवी सरस्वती को इन उपायों से प्रसन्न करके मनचाही मनोकामना पूरी की जा सकती हैं । जाने बसंत पंचमी के दिन किन उपायों को करने मां प्रसन्न हो जाती हैं ।

बसंत पंचमी के दिन सुबह स्नान करके पीले या सफेद वस्त्र धारण करें, फिर मां सरस्वती की मूर्ति या चित्र उत्तर-पूर्व दिशा में स्थापित कर सफेद चंदन, पीले और सफेद फूल अर्पित करने के बाद आरती उतारें । दूध, दही, घी, शकर,शहद और तुलसी मिलाकर पंचामृत का प्रसाद बनाकर मां को भोग लगाने के बाद इस  श्लोक का 108 बार जाप  करें ।

मां सरस्वती का श्र्लोक :-

ॐ श्री सरस्वती शुक्लवर्णां सस्मितां सुमनोहराम्।।
कोटिचंद्रप्रभामुष्टपुष्टश्रीयुक्तविग्रहाम्।
वह्निशुद्धां शुकाधानां वीणापुस्तकमधारिणीम्।।
रत्नसारेन्द्रनिर्माणनवभूषणभूषिताम्।
सुपूजितां सुरगणैब्रह्मविष्णुशिवादिभि:।।
वन्दे भक्तया वन्दिता च मुनीन्द्रमनुमानवै:।

जब भी देवी सरस्वती की पूजा करें तथा भोग अर्पित करें तो इस मंत्र का जाप 108 बार अवश्य करें। यह मंत्र हर विद्यार्थी को परीक्षा दिलाने में और उनकी बुद्धि को पढ़ाई में एकाग्रता लाने का कार्य कर‍ता है।

इस दिन इन उपायों को जरूर करें-

जिन बच्चों की कुंडली में बुध ग्रह कमजोर और पढ़ाई में मन ना लगे तो बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती को 5 हरे फलों को भेट करने के बाद 11फल गरीबों को दान कर दें ।

इस दिन पढ़ाई करने के स्थान पर पीले रंग के पर्दे या चित्र रखे । पढ़ाई में तेज मन लगने लगेगा ।

मां सरस्वती का चित्र अपने अध्ययन कक्ष या टेबल पर अवश्य रखें ।

अपनी टेबल पर क्रिस्टल या स्फटिक का ग्लोब रखें और उसे पढ़ाई करते समय बीच बीच में दो, तीन बार जरूर घुमाएं । ऐसा करने से एकाग्रता बढ़ेगी ।

संगीत के क्षेत्र में सफल होना चाहते हैं, तो मां सरस्वती का ध्यान करके ‘ह्रीं वाग्देव्यै ह्रीं ह्रीं’ मंत्र का जाप करें। शहद का भोग लगा कर उसे प्रसाद के रूप में वितरित करें
न्यायिक मामलों, पति-पत्नी संबंधी विवादों या स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के समाधान हेतु दुर्गा सप्तशती में वर्णित ‘अर्गला स्तोत्र’ और ‘कीलक स्तोत्र’ का पाठ कर श्वेत वस्त्र का दान करने से लाभ होगा।