सिमसा माता मंदिर जहाँ के चमत्कार से विज्ञान भी है हैरान, क्‍योंकि इसके फर्श पर सोने से मिलती है संतान

“माँ बनना अपने आप में ही  एक बहुत बड़ी ख़ुशी होती है| हर महिला अपने जीवनकाल में ये सुख जरुर भोगना चाहती है| पर अपने कभी ये सोचा है जो महिलाये माँ नही बन सकती उन पर क्या बीतती होगी| सारे समाज के ताने अपने घरवालो के ताने क्या क्या नही सहना पड़ता उसे|माँ बनने के लिए वो महिला हर वो जतन करती है जो वो कर सकती है| पर कभी उसे सफलता मिलती है तो कभी सिर्फ निराशा ही हाथ लगती है| वो लोग जाने कंहा कंहा ठोकरे खाते है|पता नही  कितने मंदिरों में जा कर माथा टेकते है| मन्नते मांगते है| क्यूंकि जन्हा हमारी मेडिकल साइंस ख़त्म होती है वंहा भगवान की आस्था शुरू होती है| तो चलिए आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताते है जो निसंतान महिलाओं के लिए वरदान है|

एक मंदिर जहां पर फर्श पर सोने से महिलाएं प्रेग्नेंट हो जाती है सुनकर थोडा अजीब लग रहा है ना लेकिन यह सच है. भारत के एक मंदिर में यह मान्यता है कि यहां फर्श पर सोने से महिलाएं प्रेग्नेंट हो जाती है. दरअसल हिमाचल के मंडी जिले की लड़भडोल तहसील के सिमस गांव में माता सिमसा का मंदिर है  जहां ये मान्यता है कि निसंतान महिलाएं यदि फर्श पर सोती हैं तो उन्हें संतान की प्राप्ति होती है. नवरात्र में हिमाचल के पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से ऐसी सैकड़ों महिलाएं इस मंदिर में आती हैं जिनकी औलाद नहीं है. यहां आने वाली महिलाएं दिन रात यहां रह कर मंदिर के फर्श पर सोई हुई रहती हैं. जिससे यह माना जाता है की वह गर्भ धारण कर लेती है.

इस मंदिर की देवी को माता सिमसा या देवी सिमसा को संतान-दात्री के नाम से भी जाना जाता है. हर वर्ष यहां निसंतान दंपति संतान पाने की इच्छा लेकर माता के दरबार में आते हैं. नवरात्र में होने वाले इस विशेष उत्सव को स्थानीय भाषा में सलिन्दरा कहा जाता है. सलिन्दरा का अर्थ है स्वप्न आना. जो महिलाएं माता सिमसा के प्रति मन में श्रद्धा लेकर मंदिर में आती हैं माता सिमसा उन्हें सपने में मानव रूप में या प्रतीक रूप में दर्शन देकर संतान का आशीर्वाद प्रदान करती है.

मान्यता के अनुसार, यदि कोई महिला सपने में कोई कंद-मूल या फल प्राप्त करती है तो उस महिला को संतान का आशीर्वाद मिल जाता है| यहां तक की देवी सिमसा आने वाली संतान के लिंग-निर्धारण का भी संकेत देती है. जैसे कि, यदि किसी महिला को अमरुद का फल मिलता है तो समझ लें कि लड़का होगा. अगर किसी को सपने में भिन्डी प्राप्त होती है तो समझें कि संतान के रूप में लड़की प्राप्त होगी. यदि किसी को धातु, लकड़ी या पत्थर की बनी कोई वस्तु प्राप्त हो तो समझा जाता है कि उसके संतान नहीं होगी।

कहते हैं कि निसंतान बने रहने का स्वप्न प्राप्त होने के बाद भी यदि कोई औरत अपना बिस्तर मंदिर परिसर से नहीं हटाती है तो उसके शरीर में खुजली भरे लाल-लाल दाग उभर आते हैं। उसे मजबूरन वहां से जाना पड़ता है। संतान प्राप्ति के बाद लोग अपना आभार प्रकट करने सगे-सम्बन्धियों और कुटुंब के साथ मंदिर में आते हैं। यह मंदिर बैजनाथ से 25 किलोमीटर तथा जोगिन्दर नगर से लगभग 50 किलोमीटर दूरी पर स्थित है।

मंदिर के पास पत्थर जो हिलता है एक उंगली से

सिमसा माता मंदिर के पास यह पत्थर बहुत प्रसिद है । इस पत्थर को दोनों हाथों से हिलाना चाहो तो यह नही हिलेगा और आप अपने हाथ की सबसे छोटी ऊँगली से इस पत्थर को हिलाओगे तो यह हिल जायेगा।साइंस भले ही इन बातों को नहीं मानता है, लेकिन यह लोगों की आस्था का मामला है. यह आस्था उनके भगवान पर विश्वास से जुड़ी है, जिसके बारे में साइंस कुछ नहीं कर सकता.