बॉलीवुड की ये मशहूर अदाकारा बीजेपी में हुई शामिल, 2019 के चुनाव में उतरेंगी कांग्रेस के खिलाफ

देशभर में आने वाले साल 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर तैयारियां चल रही हैं जिसके लिए पूरी राजनीतिक पार्टीयां अपना दमखम आजमा रही हैं जिससे जितना हो सकता है सबकुछ दाव पर लगाने को तैयार है। जी हां वैसे अगर बात करें पिछले लोकसभा चुनाव की तो आपको याद होगा की किस तरह से देशभर में पूर्ण बहुमत के साथ भाजपा ने जित हासिल की थी लेकिन फिर से परीक्षा की घड़ी आ गई है और विपक्ष पार्टीयां मिलकर भाजपा को हराने के चक्कर में लग गई है।

पर वहीं ये भी बता दें की मोदी जी की दिन प्रतिदिन बढ़ती हुई छवि को देख कर बहुत से बड़े चेहरे अब भाजपा पार्टी से जुड़ते जा रहे है जिसकी वजह से अब भारतीय जनता पार्टी भी पहले से कहीं ज्यादा मजबूत नजर आ रही है। वहीं जैसे जैसे चुनाव का समय निकट आ रहा है वैसे वैसे भारत में राजनीति का माहौल काफी गरमाया हुआ है और इसका कारण है देश के प्रधानमंत्री मोदी। मोदी जी हमेशा अपने महत्वपूर्ण फैसलों की वजह से सुर्खियों में छाए रहते है जिसकी वजह से उनकी पार्टी अब हर दिन मजबूत होती जा रही है।

आज मोदी जी की वजह से ही देश का हर इंसान राजनीति में दिलचस्पी लेने लगा है। जी हां और अब तो भाजपा पार्टी से जुड़ने के लिए एक मशहूर अभिनेत्री ने भी हाथ बढ़ाया है। जी हां दरअसल इस बार फिर से लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा ने कमर कस ली है और अब वह हर हाल में चुनाव जीतना चाहती है जिसके लिए हाल ही में भाजपा ने यह फैसला लिया है कि वह अपनी पुणे की सीट से बॉलीवुड अभिनेत्री माधुरी दीक्षित को उतारेंगे। बताते चलें की इसी साल जून में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने उनसे “संपर्क फॉर समर्थन’ अभियान के तहत मुलाकात की थी तभी से उनके भाजपा में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर अगर माधुरी दीक्षित की बात करें तो ये भी पूरे देश में काफी मशहूर हैं।

उन्होंने न केवल अपनी अदाकारी से ही नहीं बल्कि डांस से भी लोगों को अपना दीवाना बनाया है जिसके चलते भाजपा को आगामी लोकसभा चुनाव में बहुत ही फायदा होने वाला है। जी हां दरअसल आपको बताते चलें कि भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का कहना है की माधुरी दिक्षित का नाम पुणे लोकसभा सीट लिए बेहतर होगा। बताते चलें की 2014 के लोकसभा चुनाव में पुणे सीट भाजपा के पास गई थी। तब अनिल शिरोले ने कांग्रेस प्रत्याशी विश्वजीत कदम को 3 लाख से ज्यादा वोटों से हराया था।

भाजपा का मानना है की वो नए चेहरों को मौका देने पर किसी को आलोचना के लिए आधार नहीं मिला। विपक्ष इससे चौंक गया था।भाजपा ने ज्यादा सीटें जीतकर निकाय में सत्ता कायम रखी। इसी तरह का सफल प्रयोग 2017 में दिल्ली के निकाय चुनावों में भी किया गया जब सभी मौजूदा पार्षदों को टिकट देने से इनकार कर दिया गया। बीजेपी ने जीत हासिल की और नियंत्रण बरकरार रखा।

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