वास्तु शास्त्र: धन की देवी माँ लक्ष्मी की पानी हो कृपा तो आज से ही करें ये आसान उपाय

हर इंसान चाहता है कि उसके जीवन में ऐशों-आराम रहे, उसके पास भी खूब सारा धन हो ताकि वह जीवन के हर सुख-दुख को बड़े अच्छे से भोग सके साथ ही साथ अपने परिवार को भी आराम से रख सके। आपको बता दें धन का प्रतीक माँ लक्ष्मी को माना जाता है और माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करे बगैर धन की प्राप्ति लगभग नामुमकिन होती है क्योंकि कई बार ऐसा भी होता है कि इंसान मेहनत तो बहुत करता है मगर मां लक्ष्मी की कृपा ना होने की वजह से उसके जीवन में धन लाभ का सुख नहीं हो पाता। ऐसे में आज हम आपको वास्तु शास्त्र के अनुसार कुछ ऐसी बेहद ही महत्वपूर्ण बातें बताने जा रहे हैं जिन्हें कर लेने से माँ लक्ष्मी बहुत ही आसानी से प्रसन्न हो जाती हैं और आपके सभी दुखों को दूर करती हैं, तो आइए जानते हैं आसान उपाय।

माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने के आसान उपाय

  • सबसे पहले तो आपको बता दें की वास्तु के अनुसार बताया गया है की भूल से भी कभी घर की सफाई रात के वक़्त करना ठीक नहीं है। ऐसा कहा जाता है की शाम को जो धूल एकत्रित होती है, वही लक्ष्मी जी की कृपा होती है और यदि आप शाम के वक़्त ही झाड़ू लगते हैं तो ऐसा करने से माँ लक्ष्मी की कृपा भी आपके घर से चली जाती है।
  • आपको यह भी बताते चलें की वास्तु के अनुसार बताया गया है की घर के दरवाजों को कभी भी खटखटाना नहीं चाहिए। इसके जगह पर आप घर के बाहर गेट पर घंटी लगावा लें। बता दें की शास्त्रों में भी बताया गया है की गेटों को खटखटाने से लक्ष्मी वहां ज्यादा दिनों तक टिकती नहीं है और ऐसा में आपके घर से भी संपन्नता चली जाती है।

  • आपकी जानकारी के लिए यह भी बताते चलें की वास्तु के अनुसार यह भी साफ साफ बताया गया है की कभी भी तुलसी के पौधे को दक्षिण दिशा में नहीं लगाना चाहिए, यदि आप ऐसा करते हैं तो इससे आपके जीवन में अशुभता आती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें की तुलसी जी के पौधे को हमेशा पूर्व या फिर उत्तर की दिशा में लगाना सबसे ज्यादा उचित माना जाता है, इसस्मे माँ लक्ष्मी भी प्रसन्न रहती हैं।
  • आपको यह भी बताते चलें की घर के मालिक या परिवार के मुखिया को हमेशा गणेश जी की आराधना करना चाहिए, बताया जाता है यदि घर का मालिक सुबह उठकर श्रीगणेश जी का ध्यान कर पूजा-अर्चना करते है तो घर का वास्तु दोष दूर होता हैं और इस तरह से घर में व्याप्त तमाम तरह की परेशानियाँ भी समाप्त होती हैं साथ ही साथ माँ लक्ष्मी की कृपा के संयोग भी बनते हैं।

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