सरकार आज ले सकती है फैसला, बहुत जल्द होगी आरबीआई के नए गवर्नर की नियुक्ति

ऐसा लग रहा था की किन्ही वजहों से आरबीआई के गवर्नर ऊर्जित पटेल और सरकार के बीच काफी तनातनी चल रही थी जिससे परेशान होकर आखिरकार उन्होने अपना इस्तेफा दे ही दिया। हालांकि इस्तेफ़े की वजह उन्होने अपने कुछ निजी कारण बताए, मगर समस्या ये है की ऐसे किसी भी पद को छोड़ देना कहाँ तक उचित है और आपको बता दें की आरबीआई के गवर्नर का इस तरफ से इस्तीफा देने से शेयर मार्केट तो चरमराया ही है साथ ही साथ देश की अर्थव्यवस्था पर भी गहरा असर पड़ सकता है।

आपको बता दें की जब उर्जित पटेल ने अपना इस्तीफा दे ही दिया है तो उनके स्थान पर किसी ना किसी को तो नियुक्त करना ही पड़ेगा और चूंकि यह पद बहुत ही ज्यादा संवेदनशील और महत्वपूर्ण है तो इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। बताते चलें की भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर पद से ऊर्जित पटेल ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया था जिसके बाद सरकार मंगलवार को नए गवर्नर की नियुक्ति करेगी और इसके लिए सरकार के बीच मंथन भी जारी है।

कौन संभालेगा अंतरिम कार्यालय

जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की वित्त सचिव ए एन झा ने कहा कि फिलहाल इस मामले पर सरकार अभी कानूनी सलाह ले रही है और उम्मीद की जा रही है की आज ही इस स्थिति पर पता चल जाएगा कि सरकार क्या आरबीआई में अंतरिम गवर्नर को नियुक्त करेगी या फिर पूर्ण कार्यकाल के लिए नए व्यक्ति के नाम की घोषणा की जाएगी।

आपको बता दें की आइबीआई एक्ट, 1934 के अनुसार यदि कोई भी गवर्नर या डिप्टी गवर्नर अपनी जिम्मेदारी निभाने में असमर्थ नहीं होता है या किसी कारणों से अवकाश पर चला जाता है या फिर अपना काम नहीं करता है तो ऐसी स्थिति में केंद्र सरकार केंद्रीय बोर्ड से सलाह करने के बाद किसी अन्य व्यक्ति काे इस पद पर नियुक्त कर सकती है। इस दौरान इस पद पर कोई अधिकारी या रिजर्व बैंक का कोई कर्मचारी अंतरिम रुप से गवर्नर के रूप में नियुक्त किया जा सकता है। हालांकि बाद में सभी औपचारिकताओं के साथ नए गवर्नर का चयन किया जाएगा।

कौन कौन हैं पद के दावेदार

जैसा की नियम है उसके अनुसार गवर्नर के बाद आरबीआई के चार डिप्टी गवर्नर भी होते हैं जो ऐसी क=ही किसी आपात स्थिति में गवर्नर के पद की ज़िम्मेदारी ले सकते हैं। फिलहाल इस समय एनएस विश्वनाथन, विरल आचार्य, बीपी कानूनगो और एमके जैन और इन्ही लोगों में से सरकार द्वारा किसी एक को गवर्नर के पद के लिए चुना जाएगा। वैसे आपको यह भी बताते चलें की इसमें से एनएस विश्वनाथन सबसे सीनियर हैं। हालांकि कुछ सूत्रों के अनुसार यह भी बताया जा रहा है की अगले गवर्नर के तौर पर अरविंद पानगढि़या के नाम पर सरकार विचार कर सकती है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि पानगढि़या पूर्व में नीति आयोग के उपाध्यक्ष रह चुके हैं और तत्कालीन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी के साथ उनके संबंध भी काफी मधुर हैं। खैर अब अंतिम फैसला क्या आता है ये सरकार ही तय करेगी।

यह भी पढ़ें :