मार्गशीर्ष अमावस्या 2018: साल की अंतिम अमावस्या की रात 7 अचूक टोटके में से करें कोई 1, पूरे साल माँ लक्ष्मी रहेगी आपके घर

मार्गशीर्ष माह को हिंदू धर्म में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे अगहन मास भी कहा जाता है यही कारण है कि मार्गशीर्ष अमावस्या को अगहन अमावस्या भी कहा जाता है। वैसे तो प्रत्येक अमावस्या का अपना खास महत्व होता है और अमावस्या तिथि स्नान-दान-तर्पण आदि के लिये जानी जाती है। लेकिन चूंकि मार्गशीर्ष माह के बारे में स्वयं श्री कृष्ण कहते हैं कि महीनों में वह मार्गशीर्ष हैं इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है। जिस गीता को हिंदूओं में जीवन का दर्शन माना जाता है उस गीता का ज्ञान मान्यतानुसार भगवान श्री कृष्ण ने इसी माह में दिया था। अत: इस माह की अमावस्या तिथि भी बहुत ही पुण्य फलदायी मानी जाती है।

ऐसी मान्यता है कि अगहन मास की अमावस्या पर लक्ष्मी पूजन और व्रत करने से समस्त सांसारिक पापों का नाश होता है।प्रत्येक अमावस्या की तिथि पर स्नान दान का बहुत अधिक महत्व माना जाता है।मार्गशीर्ष अमावस्या जिसे अगहन अमावस्य भी कहते हैं। मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि होती है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार साल 2018 में यह तिथि 7 दिसंबर को शुक्रवार के दिन है।

हिन्दू धर्म में पूर्णिमा और अमावस्या दोनों का ही विशेष महत्व है। ज्योतिष शास्त्र में चन्द्र ग्रह को मन का देवता बताया गया है। पूर्णिमा को जहां पूर्ण चांद दिखाई देता है वहीं अमावस्या के दिन चन्द्रमा दिखाई नहीं देता। अमावस्या का भावुक लोगों पर सर्वाधिक प्रभाव पड़ता है। विशेष तौर पर मन की कोमल लड़कियां पर अमावस्या का सर्वाधिक प्रभाव पड़ता है। अमावस्या के दिन व्यक्ति को नकारात्मक शक्ति से दूर रहना चाहिए। कहा जाता है कि इस दिन कुछ उपाय करने से पुण्य मिलता है और मनोकामनाएं बहुत जल्दी पूरी होती है ,इसलिए हम आपको अमावस्या के उपाय बता रहे हैं…..

1.मार्गशीर्ष अमावस्या के अवसर पर भी यमुना नदी में स्नान करना विशेषकर पुण्य फलदायी माना जाता है। इस दिन व्रत रखने के साथ साथ श्री सत्यनारायाण भगवान की पूजा व कथा करनी चाहिये। मान्यता है कि जो विधि विधान से यह पूजा करता है उसके लिये यह उपवास अमोघ फलदायी होता है। व्रती को स्नाना आदि के पश्चात सामर्थ्य अनुसार दान-दक्षिणा अवश्य देनी चाहिये इससे उसके समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं।

2.अमावस्या के दिन आटे की छोटी-छोटी गोलियां बनाकर तालाब में मछलियों को खिलाएं। इससे आपको पुण्य मिलेगा और घर में धन का आगमन होगा। यह काम आप घर के बच्चे से करवाएंगे तो और भी फलित सिद्ध होगा।

3.अमावस्या के दिन सुबह समय पर उठकर, स्नानादि करके हनुमान जी का पाठ कर उन्हें लड्डू का भोग लगाएं। यदि पाठ ना करें तो हनुमान बीज मंत्र का जप भी कर सकते हैं। पूजा के दौरान हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक भी जलाएं।

4.अमावस्या पर नीलकंठ स्तोत्र का पाठ करें। पंचमी तिथि को सर्पसूक्त पाठ, पूर्णमासी के दिन श्रीनारायण कवच का पाठ करने के बाद ब्राह्मणों को अपनी सामर्थ्य के अनुसार दिवंगत की पसंदीदा मिठाई तथा दक्षिणा सहित भोजन कराना चाहिए। इससे पितृ दोष दूर होगा।

5.अमावस्या के दिन भगवान शिव को कच्चे दूध और दही से अभिषेक करें। शिव जी को काले तिले अर्पित करें।

6.अमावस्या के दिन भगवान विष्णु के मंदिर में पीले रंग की ध्वजा अर्पित करें। सभी कष्ट दूर होंगे।

7.अमावस्या के उपाय कर लेने से सुख-सौभाग्य और धन-संपत्ति प्राप्ति होती है। साथ ही घर परिवार से बुरी शक्तियों का नाश होता है