खुशखबरी : सरकार की इस पहल के बाद अब जनता को रसोई गैस के लिए चुकाने होंगे मात्र 516 रुपए

ऐसा देखा जा रहा है की मोदी सरकार एक बार फिर से आम जानता का दिल जीतने वाली है, असल में जैसा की जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की बहुत जल्दी सरकार जनता को राहत देते हुए घरेलू गैस के दाम में कुछ संसोधन करने जा रही है जिसके बाद जनता पर से अतृकित दाम का बोझ हट सकता है। बता दें की सरकार इस बार यह प्रयास कर रही की रसोई गैस पर सब्सिडी की फिर पुरानी वाली व्यवस्था फिर से लागू की जा आसक्ति है जिसके बाद अभी तक आम जनता को जिस सिलिंडर के लिए करीब 1000 रुपये चुकाने पड़ते थे अब उतनी राशि ना चुका कर कम राशि ही देनी पड़ेगी।

जैसा की हम सभी जानते हैं अभी तक हम लोगों को घरेलू गैस सिलिंडर के लिए 1000 या औससे कुछ ज्यादा की कीमत देनी पड़ती थी, हालांकि कुछ ही दिन बाद सब्सिडी की रकम यानि की तकरीबन 400 रुपये हमारे खाते मे वापिस आ जाती थी, मगर सिलिंडर लेते वक़्त इतनी ज्यादा कीमत ड्ने में हर कोई समर्थ नही हो रहा था जिसे द्ख्ते हुए सरकार ने फैसला किया है की अगले वर्ष यानी की 1 जनवरी, 2019 से अब सभी उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर के लिए 1000.50 रुपए की बजाय केवल 516.84 रुपए ही देने होंगे। जिसका मतलब ये है की अब सब्सिडी की कोई राशि आपके खाते में नहीं आएगी।

बताया जा रहा है की अब एक बार फिर से रसोई गैस पर सब्सिडी की फिर पुरानी व्यवस्था लागू होगी। बताया जा रहा है की केंद्र सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत लाखों-करोड़ो गरीब परिवारों को धुए से मुक्ति दिलाते हुए गैस सिलेंडर का कनैक्शन दिलाया मगर गरीब परिवार वालों को एकमुश्त 1000 रुपए देने में काफी ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पद रहा था जिसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह फैसला उठाया है।

ऐसा भी माना जा रहा है की गैस सिलिंडर की लगातार बढ़ती जा रही कीमतों को लेकर सरकार भी कुछ दबाव में थी और सामान्य तथा गरीब वर्ग को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था जिसके बाद सरकार ने भी अपने फैसले पर विचार करते हुए यह कदम उठाया। अब सीधा 1000 रुपये से आपको केवल 516 रुपए देने होंगे जब भी आप सिलिंडर लेते है जो की किसी भी वर्ग के लिए देने में काफी आसान होगा।

बताते चलें की पेट्रोलियम मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया की इस नई व्यवस्था में सिलेंडर बुक होने के बाद उस सभी उपभोक्ताओं के मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा और जिस रोज उनके घर पर सिलेंडर लेकर व्यक्ति पहुंचेगा उसे वह ओटीपी बताना होगा। इसके बाद जैसे ही वो व्यक्ति आपके द्वारा दिये गए ओटीपी को अपने सॉफ्टवेयर में डालेगा, सब्सिडी की राशि सीधे कंपनी के खाते में चली जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया को आसानी से और तेज़ी से कार्य में आए जाने के लिए नया सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है, जो की यह एक जनवरी से काम करने लगेगा, जिसके बाद इसका आपको भी लाभ मिलेगा।

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