जेल में बंद हनीप्रीत की नई फरमाइश, कोर्ट में अरजी डालकर कहा- सिर्फ 5 मिनट के लिए रोज करने दें ये काम

राम रहीम की गोद ली हुई बेटी हनीप्रीत एक बार फिर चर्चा में आई है।लेकिन, इस बार वो राम रहीम या आश्रम को लेकर नहीं बल्कि अपनी इच्छा को लेकर चर्चा में आई है। जिसके लिए हनीप्रीत ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दरअसल, जेल में बंद हनीप्रीत हर दिन इनसे फोन पर बात करना चाहती है।दरअसल 25 अगस्त 2017 को पंचकूला में हुई हिंसा और आगजनी के मामले में देशद्रोह के आरोप में अंबाला जेल में बंद है|हनीप्रीत की ओर से वकील ने पंचकूला की एक कोर्ट में याचिका लगाकर अपील की है कि जिस तरह से अन्य आरोपित अपने परिवार के लोगों से रोजाना आधा घंटा बात करते हैं, उसी तरह उसे भी इजाजत मिले.

हनीप्रीत ने याचिका में कहा है, जेल नियमों में भी लिखा हुआ है कि आप परिवार से बात कर सकते हैं, तो हमें भी मौका दिया जाए, हमसे भेदभाव क्यों किया जा रहा है.हरियाणा सरकार की ओर से इस याचिका का विरोध किया गया है और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए याचिका को खारिज करने के लिए की मांग की गई है. अदालत ने इस पर फैसला सुरक्षित रखा है. इससे पूर्व हनीप्रीत ने जेल स्तर पर भी अपने परिवार से बात करने के लिए खत लिखा था, लेकिन इजाजत नहीं मिली थी|उस वक्त हनीप्रीत द्वारा उपलब्ध करवाए गए नंबरों को वेरिफिकेशन के लिए भेजा गया था।

अब हनीप्रीत ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की जस्टिस दया चौधरी की अदालत में हनीप्रीत को फोन पर बात करने की सुविधा देने के मामले में सुनवाई हुई जिसके बाद कोर्ट ने हरियाणा सरकार को 11 दिसंबर के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।  बता दें कि इससे पहले हनीप्रीत ने जमानत याचिका लगाकर कहा था, मैं एक महिला हूं और 25 अगस्त 2017 को पंचकूला में जब हिंसा हो रही थी, तब डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के साथ थी.

डेरा प्रमुख को सजा होने के बाद मैं राम रहीम के साथ पंचकूला से सीधा सुनारिया जेल रोहतक चली गई. हिंसा में मेरा कहीं कोई रोल नहीं है. मेरा नाम भी बाद में एफआईआर में डाला गया. मुझे पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया, बल्कि मैं खुद 3 अक्टूबर 2017 को आत्मसमर्पण करने के लिए आ गई थी. जब इस एफआईआर नंबर 345 के अन्य 15 आरोपितों को जमानत मिल चुकी है, तो मुझे भी जमानत मिलनी चाहिए,लेकिन अदालत ने उसकी याचिका खारिज कर दी थी.

जेल मंत्री पंवार ने कहा कि हनीप्रीत के आवेदन की आइजी स्तर के अधिकारी से जांच कराई जाएगी। यदि जेल ट्रांसफर करने का आधार सही मिला तो अदालत के जरिए इस प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।वहीं, गुरमीत राम रहीम को पेरोल दिए जाने के मामले पर जेल मंत्री ने कहा कि अभी तक इस संबंध में कोई अर्जी रिकॉर्ड में नहीं आई है।यदि वह आवेदन करता है तो उसकी पुलिस वेरीफिकेशन कराई जाएगी और उसी के आधार पर अगला कदम उठाया जाएगा।

पंवार ने कहा कि जेल में गुरमीत राम रहीम का व्यवहार संतोषजनक है और वह आम कैदियों की तरह सजा काट रहा है। उसके गलत आचरण की कोई शिकायत जेल प्रशासन को अब तक नहीं मिली है। अब देखना यह है कि क्या हनीप्रीत को राम रहीम के जेल में शिफ्ट किया जाता है या फिर कहीं और भेजा जाएगा।