शाहरुख खान की ये बहन लड़ने जा रही पाकिस्तान से चुनाव, जानिए कितना गहरा हैं दोनों का रिश्ता

बॉलीवुड के किंग कहे जाने वाले शाहरुख़ खान आज सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि दुनियां भर में बड़ा नाम हैं. 2 नवंबर 1965 को जन्मे शाहरुख़ खान आज 52 वर्ष के हो चुके हैं लेकिन आज भी जब वो सिल्वर स्क्रीन पर आते हैं तो कई लड़कियों का दिल उन्हें देख धड़कने लगता हैं. छोटे परदे से अपने करियर की शुरुआत करने वाले शाहरुख़ आज बॉलीवुड के टॉप के अभिनेताओं में से एक हैं. इनकी फिल्मो की टिकट इनके नाम से ही बिक जाती हैं. वैसे तो शाहरुख़ के दुनियांभर में कई फेंस हैं. लेकिन उनके सबसे अधिक फेंस भारत और पाकिस्तान में हैं. पाकिस्तान में भी शाहरुख़ का काफी बोलबाला हैं. इतना ही नहीं शाहरुख़ का पकिस्तान से एक पुराना कनेक्शन भी हैं. दरअसल पाकिस्तान में शाहरुख़ की चचेरी बहन नूरजहां रहती हैं. ऐसे में खबर आ रही हैं कि नूरजहां जल्द ही पाकिस्तान में चुनाव लड़ने वाली हैं. आइए इस पुरे मामले को और विस्तार से जानते हैं.

पाकिस्तान से चुनाव लड़ रही शाहरुख़ की चचेरी बहन

दरअसल आने वाली 25 जुलाई को पाकिस्तान में चुनाव होने वाले हैं. ऐसे में शाहरुख़ खान की चचेरी बहन नूरजहां इन आम चुनावों में अपनी किस्मत आजमाने जा रही हैं. सूत्रों की माने तो वे पेशावर की ख़ैबर पख़्तूनख़्वा  प्रांत की PK-77 संसदीय सीट के लिए चुनाव लड़ने वाली हैं. इस सीट के लिए वे बतौर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगी. ऐसे में नूरजहां को उम्मीद हैं कि पाकिस्तानी आवाम जितना प्यार शाहरुख़ को देती हैं उतना ही उहे भी चुनाव के वक़्त मिले.

नूरजहां इस चुनाव के जरिए महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देना चाहती हैं. वो चाहती हैं कि महिलाओं को वो सारे अधिकार और मान सम्मान मिले जिनकी वे हकदार हैं. साथ ही वे जिस एरिया से चुनाव लड़ रही हैं वहां की समस्याओं पर ध्यान देने की बात भी कर रही हैं.

शाहरुख़ का पाकिस्तानी बहन से हैं पुराना नाता

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि शाहरुख़ और नूरजहां के रिश्तों के तार काफी पुराने हैं. दरअसल साल 1947 में जब भारत पकिस्तान का विभाजन हुआ था तो शाहरुख़ के पिता मीर ताज मोहम्मद दिल्ली रहने आ गए थे लेकिन उनके चाचा ग़ुलाम मोहम्मद पाकिस्तान में ही रूक गए थे. नूरजहां गुलाम मोहम्मद की ही बेटी हैं. नूरजहां के दो भाई भी हैं जिनका नाम मंसूर ख़ान और मकसूद ख़ान हैं.

नूर और उनका परिवार क़िस्सा ख़्वानी बाज़ार से सटे हुए शाह वाली कताल इलाक़े में रहता हैं. नूर के परिवार के राजनीति से पुराने तार जुड़े हुए हैं. इस आम चुनाव में खड़े होने से पहले नूरजहां पार्षद भी रह चुकी हैं. वो पिछले कुछ सालों से पॉलिटिक्स में काफी एक्टिव हैं. सूत्रों की माने तो भारत और पाकिस्तान में अलग अलग रहने के बाद भी नूरजहां और शाहरुख़ का परिवार टच में रहता हैं.

शाहरुख और नूरजहाँ एक दुसरे से दो बार मिल भी चुके हैं. पहली बार शाहरुख अपने पिता के साथ साल 1978 में पेशावर गए थे जबकि दूसरी बार नूर 1997 में शाहरुख़ से मिलने पहली बार मुंबई आई थी. अब देखने वालो बात ये होगी कि पाकिस्तान के इन आम चुनावों में नूरजहां को उनके चचेरे भाई शाहरुख़ जैसा ही समर्थन मिलता हैं या नहीं.