आप भी जपे सोने से पहले रामायण की ये 2 चौपाई और फिर देखे चमत्कार, खुद हो जायेगा यकीन

हमारे हिन्दू धर्म में अनेक प्रकार के ग्रन्थ लिखे गए है और इन्ही में से एक प्रमुख है रामायण जिसको की सभी ग्रंथो में सबसे ऊँचा माना जाता है| ये हिन्दुओ के सबसे पवित्र ग्रंथो में स एक है| रामचरित मानस को तुलसीदास जी ने लिखा। श्री राम चरित मानस अवधी भाषा में गोस्वामी तुलसीदास द्वारा 16 वीं सदी में लिखा गया एक महाकाव्य है। ये भारतीय संस्कृति में एक विशेष स्थान रखता है। और सदियों से लोग इसको पढ़ते चले आ रह है ये हमारे उत्तर भारत में रामायण के रूप में प्रतिदिन लाखो लोगो द्वारा प्रतिदिन पढ़ा जाता है। श्री रामचरित मानस में तुलसीदास जी को एक महाशक्ति के रूप में दर्शाया गया है जबकि महर्षि वाल्मीकि कृत रामायण में श्री राम को एक मानव के रूप में दिखाया गया है।

आपको बता दे की हमारे महाकाव्यों के अधिकतम चौपाई अपने आप में महा मंत्र है और इसको अपने जीवन में रोज़ जपने से हमारे जीवन के सरे दुःख दर्द हमेशा के लिए ख़त्म हो जाते है| जीवन में इनका रस पान और गान करने से हमारे जीवन के हर तरह के दुःख दूर हो जाते है| रामायण और रामचरितमानस की चौपाईयाँ हिन्दुओ के परम आस्था का पाठ है| आपको बता दे की इस ग्रंथ में रामायण को अच्छी तरह से चौपाईयों के माध्यम से बताया गया है ,भगवान् श्री राम का जीवन कैसा रहा और वो एक महा पुरुष कैसे बने| रामचरित मानस की हर एक चौपाई का मंत्र सिद्ध है जिन्हें सच्चे मन से पढ़नें से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। आपके जीवन में खुशियाँ आती है और शांति बनी रहती है|

मन जाता है की रामायण का पाठ करने से आपके जीवन के सरे दुःख कट जायेंगे और इन मंत्रों के प्रभाव से आपके घर समृद्धि बनी रहेगी। यह मंत्र सिर्फ सुख के लिए ही नहा है बल्कि बारिश न होने पर, लक्ष्मी प्राप्ति के लिए हो या फिर ज्ञान प्राप्ति के लिए भी हो सकता है इन मंत्रों का मनन करनें से सभी मनोकामनाएं पूरी होगी। जानिए रामायण के इन चैपाई मंत्रों के बारें में जिससे आपको रामायण कामधेनु की तरह मनोवांछित फल देती है।

कभी कभी हमारे जीवन में ऐसे दुःख आ जाते है जिससे निकलना हमारे लिए बहुत ही मुश्किल का काम हो जाता है और हमारी लाख मेहनत करने के बावजूद हमें फल नही मिल पता और हम बहुत ही दुखि और निराश हो जाते है| और यदि इश्वर की कृपा हमारे ऊपर होती है तो हमें फल प्राप्त करने से कोई नही रोक सकता तो आज दोस्तों हम आपको रामायण की ऐसी 2 चौपैयो के बारे में बताने जा रहे है जिसे की आपके जीवन के सरे दुःख दूर हो जायेंगे| अगर आप पूरी श्रधा से और आस्था से आप इन चौपैयो का मनन और चिंतन करेंगे तो आपके जीवन में दुःख कभी आ ही नही सकता| अब आइये जानते है इन 2 चौपियियो के बारे में|

1.भूत पिशाच निकट नहिं आवै, महावीर जब नाम सुनावै॥

अर्थ-  जहां महावीर हनुमान जी का नाम सुनाया जाता है, वहां भूत, पिशाच पास भी नहीं फटक सकते।

2.नासै रोग हरै सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा ॥

अर्थ-  वीर हनुमान जी! आपका निरंतर जप करने से सब रोग चले जाते है और सब पीड़ा मिट जाती है।