जाने, आखिर रात के समय क्यों नहीं काटने चाहिए नाख़ून, वजह जान कर रह जायेंगे दंग

हिन्दू धर्म में ऐसी बहुत सी मान्यताएं है जो व्यक्ति की सुविधा और सहूलियत के लिए बनाई गई है. हालांकि ये बात अलग है कि बहुत से लोग अब इन मान्यताओं पर यकीन नहीं करते और इन्हे अंध विश्वास का नाम देकर इनसे दूर भागने लगते है. वही अगर हम हिन्दू धर्म की मान्यताओं की बात करे तो हिन्दू धर्म में रीती रिवाजो की कमी नहीं है. इसके इलावा हिन्दू शास्त्रों में कुछ ऐसी बातें भी कही गई है, जिनका हमें पालन जरूर करना चाहिए, क्यूकि ऐसा न करने से नुक्सान हमारा ही होता है. अब भले ही ये बातें अजीब क्यों न हो, लेकिन अगर ये बातें शास्त्रों में कही गई है तो इनकी कोई न कोई वजह तो जरूर होगी.

बरहलाल आज हम आपको हिन्दू धर्म से जुडी ऐसी ही एक मान्यता के बारे में बताने जा रहे है. जिसके बारे में जान कर आप भी हैरान रह जायेंगे. जी हां यक़ीनन आज तक आपने शायद ही इस मान्यता के बारे में सुना या पढ़ा होगा. गौरतलब है कि आपने अक्सर देखा होगा कि हिन्दू धर्म में बहुत से लोग शाम के समय नाख़ून नहीं काटते. जी हां कई बार तो हमारे बड़े बुजुर्ग ही हमें शाम के समय नाख़ून काटने से मना कर देते है और हम भी उनकी बात मान कर इस मुद्दे को वही भूल जाते है. मगर क्या आप जानते है कि शाम के समय नाख़ून काटने से मना क्यों किया जाता है. क्या आपने कभी इस बारे में ध्यान से सोचा है.

हमें यकीन है कि आपने कभी इस मामूली सी बात के बारे में गौर से नहीं सोचा होगा, क्यूकि आज कल इन बातों पर ध्यान देने के समय किसके पास है. वैसे जो लोग इस सवाल का जवाब जानना चाहते है, वो इस जानकारी को जरा ध्यान से पढियेगा. आपकी जानकारी के लिए बता दे कि शाम यानि रात के समय काफी अँधेरा होता है और ये बात तो सब जानते है कि शाम के समय यानि अँधेरा होने के बाद बुरी आत्माएं भटकने लगती है. अगर हम सीधे शब्दों में कहे तो शाम के समय अँधेरा होने के बाद बुरी आत्माओ की शक्ति ज्यादा बढ़ जाती है.

ऐसे में ये बुरी आत्माएं किसी भी इंसानी मांस का सेवन करने की फ़िराक में रहती है. इसलिए अगर कोई व्यक्ति शाम के समय या अँधेरा होने के बाद अपने नाख़ून काटता है तो बुरी आत्माएं उसकी सुगंध को आसानी से महसूस कर लेती है. ऐसे में बुरी आत्माएं किसी भी तरह से आपको नुक्सान पहुंचा सकती है. यही वजह है कि शाम होने के बाद नाख़ून काटने से मना किया जाता है. इसके इलावा कई ऐसे दिन भी है जब नाख़ून काटना अशुभ माना जाता है. जैसे कि वीरवार या शनिवार के दिन नाख़ून नहीं काटने चाहिए, क्यूकि इस दिन नाख़ून काटना अच्छा नहीं माना जाता.

बरहलाल आपको बताना हमारी जिम्मेदारी थी, लेकिन इस बात को मानना या न मानना ये तो आप पर ही निर्भर करता है. वो कहते है न कि अगर बड़े बुजुर्ग कोई सलाह देते है तो वो हमारे भले के लिए ही देते है. इसलिए अगर हो सके तो शाम होने के बाद भूल कर भी नाख़ून न काटे और अपना ध्यान रखे.