जब तक इन 3 बातों को अपने जीवन से नहीं निकाल देते, तब तक खुश नहीं रह सकते आप

आज कल लोगो के जीवन में तनाव इतना ज्यादा बढ़ गया है कि उन्हें मुश्किल से खसुहि के दो पल देखने को मिलते है. जी हां आज के समय में किसी को नौकरी की चिंता है तो किसी को घर खरीदने की चिंता है. यानि अगर हम सीधे शब्दों में कहे तो आज दुनिया का हर इंसान किसी न किसी चिंता से घिरा हुआ है. गौरतलब है कि पहले के समय में इंसान के पास सुविधाएँ कम होती थी, लेकिन फिर भी वो खुश रहता था. मगर आज जब व्यक्ति के पास जीने के लिए इतनी सुविधाएँ है उसके बावजूद भी इंसान खुश नहीं है. वो कहते है न कि अगर व्यक्ति की एक इच्छा पूरी हो जाए तो उसके मन में दूसरी इच्छा जाग जाती है. शायद यही हाल हम इंसानो का भी है.

इसके इलावा जब व्यक्ति किसी चीज के बारे में ज्यादा सोचता है, तो उसका दिमाग और मन उसे कभी खुश नहीं रहने देता. इसलिए आज हम आपको ऐसी तीन बातों के बारे में बताएंगे, जिन्हे जब तक आप अपने जीवन से बाहर नहीं निकाल देते, तब तक आप खुश नहीं रह पाएंगे. जी हां यकीनन आप भी जानना चाहते होंगे कि आखिर ये तीन बातें कौन सी है. तो चलिए आपको भी इसके बारे में विस्तार से बताते है.

१. गौरतलब है कि कई बार ऐसा होता है कि हम छोटी छोटी बातों को अपने दिल से लगा लेते है और यही छोटी छोटी बातें हमारे दिमाग पर भी हावी हो जाती है. जिसके कारण हमारे मन को कभी शांति नहीं मिल पाती. अब जाहिर सी बात है कि अगर हमारे मन को ही सुकून नहीं मिलेगा, तो हम खुश कैंसर रहेंगे. इसलिए ये जरुरी है कि आप छोटी छोटी बातों को दिल से न लगाएं, क्यूकि इससे आपकी जिंदगी की खुशियां आपसे दूर चली जाएँगी.

२. इसके इलावा मन की अशांति का दूसरा सबसे बड़ा कारण इंसान की नकारात्मक सोच है. जिसे वो चाह कर भी अपने दिमाग से नहीं निकाल पाता. आपकी जानकारी के लिए बता दे कि जब ये नकारात्मक सोच व्यक्ति के दिमाग पर हावी हो जाती है, तो उसका सुख और चैन सब कुछ छीन कर ले जाती है. इसलिए सबसे पहले तो अपने दिमाग से इस नकारात्मक सोच को बाहर निकाल कर फेंक दीजिये और ख़ुशी से अपना जीवन जीना शुरू कर दीजिये.

३. इसके इलावा मन की अशांति का तीसरा कारण खुद की तुलना दूसरो से करना है. जी हां हम अक्सर ये सोचते रहते है कि काश हम दूसरो की तरह होते है या दूसरे लोग हमसे ज्यादा अमीर है या वो ज्यादा किस्मत वाले है आदि सब चीजे हमारे दिमाग में आती रहती है. जो हमारे दिमाग और मन दोनों को खोखला कर देती है. बरहलाल अगर आप इसी तरह से खुद की तुलना दूसरो से करते रहेंगे, तो कभी खुश नहीं रह पाएंगे. वो कहते है न कि हर इंसान के अंदर कोई न कोई हुनर जरूर होता है, जो उसे दूसरो से अलग बनाता है. इसलिए कल से ही खुद की तुलना दूसरो से करना बंद कर दीजिये और फिर देखिए कि आपकी जिंदगी कैसे खुशनुमा हो जाती है.

बरहलाल हमें यकीन है कि आप अपने जीवन में इन तीन बातों का ध्यान जरूर रखेंगे और हमेशा खुश रहेंगे.