जब दूल्हा साइकिल पर सवार होकर पहुंचा दुल्हन के आँगन, समाज को दिया ये संदेश

आपने अपने जीवन में अक्सर शादी के दौरान दुल्हे को घोड़ी पर या कर पर सवार होकर आते तो जरूर देखा होगा लेकिन क्या आपने कभी किसी दुल्हे को दुल्हन के आँगन साइकिल पर सवार होकर आते देखा है. जी हाँ आज हम आपको एक ऐसी शादी समारोह का वाकया बताने जा रहे हैं जहाँ एक दूल्हा शादी करने के लिए किसी घोड़ी पर नहीं बल्कि साइकिल पर सवार होकर आता है. आईये आपको बताते हैं की आखिर क्या है ये पूरा मामला.

हमारे देश में शादियों को दिखावा ही माना जाता है जहां लोग लाखों रूपये खर्च करके शादी करते हैं ताकि उनके रिश्तेदार देखकर वाह वाह कर सकें. आज हम आपको शादी का एक वाकया बताने जा रहे हैं जिसके बारे में सुनकर आप भी कह उठेंगे की वाकई में शादी कोई दिखावा नही बल्कि दो लोगों का मिलन होता है. आपको बता दें की उत्तर प्रदेश के प्रतापनगर से सटे दानापुर गावं के रहने वाले प्रदीप मिश्र ने समाज को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए बीते दिनों अपनी ही शादी में कार और घोड़ी की जगह साइकिल पर सवार होकर बारात लेकर दुल्हन के घर पहुंचा.

आपको बता दें की इस बारात में सिर्फ दुल्हा ही नहीं बल्कि पुरी बारात ही साइकिल पर सवार होकर पहुंची थी. पर्यावरण के प्रति लड़के वालों की इतनी दृढ़ता देखते हुए लड़की वालों ने भी फूलों की जगह रुद्राक्ष की माला से लड़के वालों का स्वागत किया. ता दें दानापुर के रहने वाले प्रदीप मिश्रा ने अपने पिता वेद प्रकाश मिश्रा के कोटद्वार और सामजिक कार्यों में सन्लंग होने की वजह से ही अपनी शादी में साइकिल पर सवार होकर जाने का निर्णय लिया. प्रदीप के इस कदम को देखकर लड़की वालों के साथ समाज के अन्य लोग भी उसके इस कदम की सराहना करते नहीं थक रहे हैं.

बता दें की वेद प्रकाश मिश्र ने अपने बेटे प्रदीप मिश्रा की शादी अपने घर से तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित रविन्द्र नाथ मिश्रा की बेटी मुदिता से ठीक की थी. इस शादी को यादगार और अनोखा बनाने में प्रदीप के इस साइकिल वाले आईडिया का खूब तारीफ किया जा रहा है. आपको जानकर हैरानी होगी की जहाँ लोग लाखों रूपये एक शादी पर खर्च करते हैं वहीँ प्रदीप ने जब ग्रीन शादी के बारे में पढ़ा तो उसने भी पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए अपनी पूरी बारात को साइकिल से लेकर गया.

बता दें की लड़के वालों के इस कदम का लड़की वालों ने पूरा साथ दिया और उन्होनें बारात का स्वागत भी फूलों की माला की जगह रुद्राक्ष की माला से तो किया ही साथ ही बारातियों को खाना भी टेबल कुर्सी की जगह जमीन पर बिठा कर कराया गया. आपको बता दें की प्रदीप एक MBA है और उसका मानना है की जब युवा कोई कदम उठायेंगे तब ही समाज में कोई बदलाव लाया जा सकता है. प्रदीप के इस सोच का उसके पिता ने भी सम्मान किया और दिखावे से ऊपर उठकर बेटे के इस कदम में उसका पूरा साथ दिया और तो और सभी दिखावेपन से ऊपर उठकर एक ग्रीन शादी करवाई.