रोज सूर्य देव के साथ साथ इन 3 पर भी चढ़ाएं जल, हर मुसीबत भूल जाएगी आपके घर का रास्ता

हर व्यक्ति के जीवन में पूजा करने का अलग अलग महत्व होता है. जी हां जैसे कि कोई व्यक्ति तो घंटो तक बैठ कर भगवान् की आराधना करता है और कई व्यक्ति केवल सूर्य देव को जल अर्पण करना ही पूजा समझते है. बरहलाल सूर्य देव भी एक भगवान् है. तो ऐसे में लोगो का मानना है कि केवल उनको जल चढ़ाने मात्र से ही भगवान् की पूजा पूरी हो जाती है. वैसे भी पूजा करने का तरीका भले ही कुछ भी हो, लेकिन एक भक्त के भाव सच्चे होने जरुरी है.

इसके इलावा ऐसा कहा जाता है कि सूर्य देव को जल अर्पित करने से सभी दुखो का अंत हो जाता है और इसके साथ ही जीवन में सुख और समृद्धि बनी रहती है. गौरतलब है कि अगर आप सूर्य देव के साथ साथ इन सभी वस्तुओ पर भी जल चढ़ाएंगे तो यक़ीनन आपके मन को काफी शांति मिलेगी और आपकी सभी समस्याएं दूर हो जाएँगी.

१. पीपल.. कहते है कि पीपल देवता का पेड़ भगवान् श्रीकृष्ण जी का ही स्वरूप माना जाता है. ऐसे में इस पेड़ की पूजा करना सभी देवी देवताओ की पूजा करने के समान है. इसलिए आपको हर रोज पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाना ही चाहिए. जी हां इससे न केवल आपके सभी कष्ट दूर हो जायेंगे, बल्कि आपके जीवन में खूब खुशियां भी आएंगी.

२. सूर्य.. गौरतलब है कि हर रोज पूजा करने से पहले सूर्य देव को जल जरूर चढ़ाएं. इसके इलावा जल चढ़ाने के लिए हमेशा ताम्बे के बर्तन का इस्तेमाल करे. इसके साथ ही बर्तन में केवल पानी नहीं बल्कि लाल पुष्प, कुमकुम और चावल भी जरूर मिला ले. बता दे कि आपको सूर्य देव को दोनों हाथो से ही जल चढ़ाना चाहिए और जल चढ़ाते समय ॐ सूर्याय नमः मंत्र का जाप करना चाहिए.

३. तुलसी.. अब धार्मिक शास्त्रों में तुलसी का क्या महत्व है, इस बारे में तो अब सभी बखूबी जानते ही होंगे.फिर भी हम आपको बता दे कि तुलसी माँ को भगवान् विष्णु और देवी महालक्ष्मी का स्वरूप ही माना जाता है. इसके साथ ही भगवान् विष्णु को तुलसी जी बेहद प्रिय भी है. इसलिए रोज सुबह उठ कर न केवल तुलसी माँ की पूजा करनी चाहिए, बल्कि उन्हें जल भी चढ़ाना चाहिए.

४. कांटेदार पौधे..  आपको जान कर ताज्जुब होगा, लेकिन कांटेदार पौधों को जल चढ़ाना भी अच्छा माना जाता है. गौरतलब है कि हर रोज रात को सोने से पहले एक ताम्बे के बर्तन में जल भर ले. इसके बाद सुबह उठ कर इसी जल को अपने सर से सात बार वार लीजिए. बस फिर आपको इस जल को किसी भी कांटेदार पेड़ या पौधे को चढ़ाना है. आपकी जानकारी के लिए बता दे कि ऐसा करने से आपको खूब मान सम्मान की प्राप्ति होगी.

बरहलाल आज तक आपने, सूर्य देव, तुलसी माँ और पीपल देवता को तो कई बार जल चढ़ाया होगा, लेकिन कभी कांटेदार पेड़ पौधों को जल चढ़ाने के बारे में नहीं सोचा होगा. हालांकि सबसे ज्यादा पानी की जरूरत इन्हे ही होती है. यही वजह है कि आज ये खास जानकारी हम आपके लिए ही लाएं है.

हम उम्मीद करते है कि आपको ये जानकारी जरूर पसंद आएगी और अब से आप सूर्य देव के साथ साथ तुलसी माँ, पीपल देवता और कांटेदार पौधों को भी जल जरूर चढ़ाएंगे.