जिस भी घर के मंदिर में होती है ये 3 चीज़ें वहां कभी नहीं होती है धन की कमी

हिंदू धर्म में पूजा पाठ का बेहद ही ज्यादा महत्व होता है यही कारण है की लोग इसके बारे में जानकारी भी रखना चाहते हैं क्योंकि अनजाने में हुई गलती की वजह से कई बार लोगों को काफी कुछ सहन करना पड़ता है। सबसे बड़ी बात तो ये है की हिंदू धर्म के पूजा पाठ में विधि विधान का ध्यान देना बेहद ही ज्यादा आवश्यक है पर जानकारी का अभाव होने के कारण लोग इसे फॉलोव नहीं पाते हैं।

जी हां बताते चलें की हमारे शास्त्रों में बताया गया है की अगर आप हिन्दू धर्म में है तो आपके घर में पूजा का स्थान या फिर मंदिर हमेशा इशान कोण में ही होना चाहिए। इसके अलावा ये भी बताया गया है की पूजा घर में बस दो से तीन मूर्तियाँ या तस्वीर होनी चाहिए इसके अलावा मंदिर को हमेशा साफ़-सुथरा रखना चाहिए।

इसलिए आज हम आपको विशेषतौर पर ये बताने जा रहे हैं की हमारे मंदिर में क्या रखना चाहिए और क्या नहीं रखना चाहिए

आचमन- सबसे पहले आपको बता दें की आचमन का मतलब होता है कि आप एक छोटे से ताम्बे के बर्तन में जल और तुलसी पत्ता इसे पूजा के दौरान प्रसाद के रूप में रखा जाता है क्योंकि ये बहुत ही शुभ माना जाता है। इतना ही नहीं आपको बता दें की इसे ग्रहण करने से व्यक्ति के मन को शांति तो मिलती ही है इसके साथ ही साथ सोच भी निर्मल होती है। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आप ही से ऐसा करना शुरू कर दें।

पंचामृत- जी हां का पंचामृत का भी पूजा के दौरान प्रसाद के रूप में ही प्रयोग किया जाता है इसमें पांच प्रकार का अमृत होता है। ये दूध, दही, शहद, घी और गुड़ से बनाया जाता है जो की रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है इसे ग्रहण करने से हमारे शरीर में पौष्टिक आहार की उत्पन्न होता है।

चन्दन – अब बारी आती है चंदन की जो की शांति व शीतलता का प्रतीक माना जाता है यही कारण है की पूजा के दौरान चंदन का टीका लगाना आवश्यक माना जाता है क्योंकि इससे हमारा मस्तिष्क ठंडा रहता है और हमारा मन शांत रहता है और तो और इसकी खुशबू से मन में बुरे विचार नहीं आते हैं।

इसलिए इन सभी वस्तुओं के गुणों के अनुसार इन्हें मंदिर में रखना आवश्यक व शुभ माना जाता है इसलिए आप भी अपने मंदिर में इन्हे जरूर रखें। अब आप ये सोच रहे होंगे कि मंदिर में ऐसी कौन सी चीजें हैं जिसे नहीं रखनी चाहिए तो आइए जानते हैं

सबसे पहले तो आपको बता दें की भूल से भी आप अपने घर के मंदिर में अंगूठे से बड़े आकार का शिवलिंग न रखें। इसके अलावा ध्यान रहे की मंदिर में हमेशा बैठे हुए हनुमान जी की मूर्ति रखें। माना जाता है की बजरंग बली रुद्र (शिव) के ही अवतार हैं इसीलिए इनकी भी शिवलिंग की ही तरह एक मूर्ति रखें। राधा-कृष्ण जी की मूर्ति को मंदिर में एक साथ रखें। हो सके तो अपने घर के मंदिर में हमेशा देवी-देवताओं की सौम्य रूप वाली तस्वीरें रखें। रौद्र रूपों को घर के मंदिर में ना रखें।