अभी अभी: बॉलीवुड के इस मशहूर वरिष्ठ अभिनेता का हुआ निधन, फिल्‍म जगत में पसरा सन्‍नाटा

पिछले साल से लगातार बॉलीवुड में सितारों की निधन की खबर ऐसे सामने आ रही है जिसे सुनकर तो यही लगता है कि इन खबरों का तांता लग गया है। वहीं साल 2018 में भी कई चहेते सितारों ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया जी हां और आज भी एक ऐसी ही दुखद खबर सुनने को मिली जिसे सुनकर पूरा बाॅलीवुड गमगीन हो गया। इस साल हमने अपने कई बड़े सितारें खोए हैं जिनके  जाने के बाद उनकी जगह कोई नहीं ले सकता है और साथ ही साथ उनके जाने से बॉलीवुड में खालीपन सा हो गया है। जिसे भरना असंभव सा हो गया है।

अगर आपने साल 2006 में आई संजय दत्त की फिल्म ‘लगे रहो मुन्ना भाई’ देखी होगी तो उसमें का वो कैरम वाला सीन आपको जरूर याद होगा ि‍जसमें संजय दत्त रिटायर्ड टीचर का किरदार निभाने वाले ‘पप्पा’ के साथ कैरम खेल रहे थे। इस फिल्‍म में ये पूरा सीन इतना भावुक था कि इस रोल को आज भी लोग उस दृश्‍य को भूला नहीं पाते हैं। फिल्म में रिटायर्ड टीचर (पप्पा) का अहम किरदार निभाने वाले अभिनेता डॉ. हेमू अधिकारी ने 81 साल की उम्र में सोमवार को दुनिया को अलविदा कह दिया। फिल्म लगे रहो मुन्ना भाई 2006 में आई थी जिसे राजकुमार हिरानी ने डायरेक्ट किया था। इस फिल्म में संजय दत्त और अरशद वारसी की अहम भूमिका थी।

जानकारी के लिए बता दें कि वरिष्ठ अभिनता डॉ. हेमू अधिकारी ने मराठी और बॉलीवुड में कई सुपरहिट फिल्मों में अमह भूमिका निभाई है। इन्‍होने सुपरहिट फिल्मों में अपनी अदाकारी से लोगों का दिल जीता। वहीं आपको बता दें कि  डॉ. हेमू अधिकारी की मौत किस वजह से हुई है। इसका अभी तक कुछ पता नहीं चला है। वरिष्ठ कलाकार डॉ. हेमू अधिकारी का मराठी रंगभूमि में काफी नाम था उन्होंने अपनी अदाकारी से दर्शकों का दिल जीता था। डॉ. हेमू ने 45 नाटक, 16 मराठी और हिंदी फिल्मों के साथ 7 टीवी सीरियल में काम किया था।

बता दें कि डॉ. हेमू साल 1998 में आई मशहूर फिल्म ‘वजूद’ में नाना पाटेकर के साथ बड़े पर्दे पर भी नजर आ चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने साल 2009 में आई फिल्म ‘डिटेक्टिव नानी’ में भी काम किया है। शायद आपको ये पता नहीं होगा कि डॉ. हेमू अधिकारी अच्छे अभिनेता के साथ साथ एक साइंटिस्ट भी थे। उन्होंने Bhabha Atomic Research Centre से अपने ग्रेजुएशन पूरी की थी। साइंस की दुनिया में संघर्ष करने के साथ- साथ वो एक्टिंग की दुनिया से जुड़े रहे और अपने कॉलेज के समय में थिएटर में एक्टिंग करते रहे।

अपनी पढाई पूरी करने के बाद वो Indian Space Research Organisation में साइंटिस्ट बन गये लेकिन उन्होंने एक्टर बनने का सपना पीछे नहीं छोड़ा और थिएटर में एक्टिंग करते रहे। इन सभी बातों से आप समझ सकते हैं कि डॉ. हेमू बहुत ही मेहनती और गुणवान थे और उनकी एक्टिंग को लेकर जो लग्न थी वो उन्हें फिल्मों तक ले आई।

डॉ हेमू के जाने के बाद सबसे ज्‍यादा मराठी फिल्‍म जगत को लगा है क्‍योंकि ये उस इंडस्‍ट्री का एक अहम हिस्‍सा थे। उन्होंने कई सुपरहिट बॉलीवुड फिल्मों में भी अपने अभिनय से छाप छोड़ी।