दिल्‍ली के पूर्व एसीपी ने पेश किए श्रीदेवी के मौत के 5 गहरे सबूत, कहा ये सोची समझी है साजिश, बोनी कपूर के उड़े होश

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि बॉलीवुड की चांदनी कही जाने वाली मशहूर अदाकारा श्रीदेवी अब हमारे बीच नहीं रही। जी हां वहीं ये बात भी सच है कि एक्ट्रेस श्रीदेवी की मौत पर काफी विवाद भी हुआ था। इतना ही नहीं इनके शव को भारत लाने में काफी दिक्‍कतों का भी सामना करना पड़ा था। उस समय के बाद आज एक बार फिर से श्रीदेवी की मौत की गुत्‍थी पर सवाल उठाया जा रहा है। जी हां बता दें कि हर रोज ये विवाद उलझता ही जा रहा है। जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली के पूर्व एसीपी वेदभूषण ने श्रीदेवी की मौत को संदिग्ध बताते हुए सवाल खड़े किए हैं।

बता दें कि एसीपी की निजी जांच एजेंसी पुलिस सॉल्यूशन इंडिया ने इस केस पर रिसर्च किया जिसमें उन्‍होने बताया कि उन लोगों ने दुबई के जुमेराह एमिरेट्स होटल में जाकर जांच की है जहां श्रीदेवी का निधन हुआ था जिसमें उन्‍हें बता चला कि दुबई पुलिस की कार्रवाई सिर्फ एक खानापूर्ति की तरह निभाया गया है।  दरअसल आपको बता दें कि वेदभूषण की नीजी एजेंसियों ने आखिर श्रीदेवी के केस पर जब रिसर्च किया तो क्‍या क्‍या पाया।

1. सबसे पहले तो आपको ये बता दें कि दिल्ली के पूर्व एसीपी वेद भूषण ने अपनी दावा किया है कि श्रीदेवी की मौत के बाद होटल जुमेराह एमिरेट्स ने अपने फ्रंट स्टाफ को ही बदल दिया है और उसकी जगह जो भी नए स्‍टाफ को रखा गया है उन्‍हें इस बारे में चुप रहने को कह दिया गया है। होटल के सभी स्‍टाफ को निर्देश है कि जिस रूम में श्रीदेवी की मौत हुई थी उसे किसी को भी नहीं देना है वहीं आपको ये भी बता दें कि होटल में प्राइवेट वीडियोग्राफी पर भी रोक लगा दी गई है। लेकिन इनकी एजेंसी ने जैसे तैसे करके होटल की वीडियोग्राफी करके लाए हैं। उनका कहना है कि अगर श्रीदेवी की मौत सामान्य थी तो क्यों होटल के फ्रंट स्टाफ को बदला गया?

2. जांच एजेंसी ने अपने जांच में ये भी कहा है कि इस केस में वर्ल्डवाइड इंवेस्टिगेशन का जो वैज्ञानिक तरीका होता है उसे फॉलो ही नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि उनके जांच में न ही श्रीदेवी की कॉल डिटेल निकलवाई गई और न ही बोनी कपूर की कॉल डिटेल निकलवाने की जरुरत समझी गई। इतना ही नहीं आपको ये भी बता दें कि ब्लड रिपोर्ट पर भी चर्चा नहीं की गई और न ही लंग्स कंडीशन की। जबकि अक्‍सर जिस व्‍यक्ति की मृत्‍यु पानी में डुबकर होती है तो ये जांच जरूरी होता है क्‍योंकि पानी में डुबने से व्‍यक्ति के लंग्स में पानी जाता है। लेकिन श्रीदेवी के समय ये सारी जांच अधूरे क्‍यों छोड़ दिए गए?

3. वेद भूषण ने बताया है कि इस तरह के केस में जब भी पुलिस जांच करती है तो ये पता लगाने की कोशिश करती है कि मौत से फायदा किसको हो सकता है? लेकिन श्रीदेवी के केस में ऐसा नहीं हुआ वहीं बता दें कि कुछ दिनों पहले फिल्ममेकर सुनील सिंह की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कहा गया था कि ओमान में श्रीदेवी के नाम पर 240 करोड़ का बीमा हुआ था और उसके क्लेम के लिए उनकी मौत दुबई में होनी जरूरी थी।

4. वेद भूषण आगे बताते हैं कि दुबई पुलिस ने श्रीदेवी की मौत के बाद जो जांच की है वह महज खानापूर्ति भर है। वेद भूषण ने दुबई पुलिस द्वारा जारी किए गए डेथ सर्टिफिकेट पर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि उन्होंने जुमेराह एमिरेस्ट्स जाकर वहां के स्टाफ से पूछा कि श्रीदेवी की मौत वाले दिन कौन-कौन होटल में मौजूद था? पर वहां न तो होटल स्टाफ और न ही दुबई पुलिस उन्हें कुछ बताने के लिए तैयार हुई।

5. इनकी निजी एजेंसी टीम ने होटल में जाकर रूम नंबर 2208 में जाकर श्रीदेवी की मौत का सीन री-क्रिएट किया। लेकिन श्रीदेवी की मौत होटल के रूम नंबर 2201 में हुई थी जो इसके नीचे वाला रूम है जहां इन्‍हें जाने की इजाजत नहीं दी गई।