बिहार के छोरे ने मनवाया अपने टैलंट का लोहा, ओबामा ने भी की तारीफ

एक बिहारी सब पर भारी इस लाइन से तो उत्तर भारत का हर व्यक्ति भली भाति वाकिफ होगा, लेकिन इस बिहारी युवक ने इस लाइन को ना सिर्फ समूचे देश मे बल्कि सात समुंदर पर विदेशो मे भी फैला दिया। इस प्रतिभाशाली युवक ने डिजिटल मीडिया में नयी क्रांति ला दी। आधे से ज्यादा देशों में हो रहा है इस नये आविष्कार का इस्तेमाल। बेस्ट यंगर यूथ आइकॉन के अवार्ड से सम्मानित सिद्धांत ने सपना पूरा होने तक नहीं ली थी चैन की नींद।

भारत के मशहूर वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति  डॉ ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने सपनों के बारे में कहा है कि “सपने वे नहीं होते जो आपको रात में सोते समय नींद में आए, लेकिन सपने वे होते हैं जो रात में सोने न दें।” ऐसे ही सपने देखने वाले एक शख्स का नाम है सिद्धांत वत्स। बिहार के गया के रहने वाले सिद्धांत वत्स की उम्र 20 साल हैं लेकिन उन्होंने जो आविष्कार किया है उससे उनकी ख्याति पूरे दुनिया-भर में फ़ैल गयी।

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