आज फिर हो सकता है रैनसमवेयर वाइरस का हमला देश मे मचा हड़कंप, ऐसे करें बचाव

इंटरनेट पर दूसरों का मजाक बनाना, धमकाना, शर्मिंदा करने वाले कॉमेंट करना जिससे यूजर तंग आ जाए, इसे साइबर बुलिंग कहते हैं, जिसे सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग के रूप में भी जाना जाता है। ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। इसमें लोगों की निजी तस्वीरें या विडियो को ऑनलाइन पब्लिश करने की धमकी देकर उनसे मोटी रकम मांगी जाती है।

बड़े पैमाने पर तेजी से बढ़ रहे साइबर अटैक से सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि अब कंप्यूटर से लेकर मोबाइल फोन और एटीएम कार्ड से लेकर बैंक अकाउंट तक साइबर क्रिमिनल्स की पहुंच में हैं। शुक्रवार को भारत समेत कई देशों में रैनसमवेयर मालवेयर से कुछ घंटों में लाखों साइबर हमले किए गए थे। चेतावनी के बाद कंपनियों और संस्थानों में हड़कंप है कि कहीं सोमवार को कंप्यूटरों को खोलने पर फिर से रैनसमवेयर का हमला न हो जाए। इसके चलते कार फैक्ट्रियों, अस्पतालों आदि के टेक्निकल स्टाफ रविवार को इन्फेक्टेड कंप्यूटरों को रीस्टोर करने और उसे सुरक्षित करने में युद्धस्तर पर जुट गए हैं।

पुलिस निरीक्षक आर. जया लक्ष्मी ने बताया कि रैनसमवेयर मालवेयर डेटा तक पहुंचने में सक्षम नहीं है और पहुंचने देने के लिए हैकर बिटकॉइन (पेमेंट नेटवर्क) पर फिरौती मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस हमले का बहुत कम असर पड़ेगा, क्योंकि एफआईआर और अन्य दस्तावेजों का रिकॉर्ड ऑफलाइन भी रखा जाता है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि वे गृह मंत्रालय के संपर्क में हैं और डेटा सुरक्षित रखने के लिए सभी एहतियात बरत रहे हैं।

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