5 साल की उम्र में यह बच्ची बन गई थी माँ, पढ़े पूरी कहानी

आखिरकार 14 मई 1939 को, मदीना ने सीज़ेरियन शल्यक्रिया के द्वारा एक लड़के को जन्म दिया क्योंकि सामान्य प्रसूति उसकी कोख के छोटे आकार के कारण संभव नहीं थी। शल्यक्रिया डा. लोज़ादा और डॉ. बुसालिऊ द्वारा की गयी थी।

लीना की कहानी मेडिकल जर्नल में प्रकाशित हुई थी जिसके अनुसार लीना को मात्र ढाई साल की उम्र से ही पीरियड आने शुरू हो गए थे, चार साल की उम्र तक उसके स्तनों का विकास पूर्ण हो चुका था। पांच साल की उम्र तक उसकी कोख का चौड़ी होना और अस्थि परिपक्वण भी काफी हद तक हो चुका था। जब बच्चे के लिए डॉकटरों ने उसका ऑपरेशन किया तो उन्होंने भी पाया की उसके शरीर के अंदर प्रजनन अंगों का विकास पूर्ण हो चूका था।

 

 

लीना के बेटे का नाम, डॉ. जेरार्दो के नाम पर जेरार्दो रखा गया। जन्म के समय जेरार्दो का वजन 2.7 किलो था। बचपन में जेरार्दो की परवरिश लीना के एक भाई के रूप में की गयी थी, लेकिन जब वो 10 साल का हुआ तो उसे इस बात का पता चला कि मदीना उसकी माँ थी। 1979 में जेरार्दो की 40 साल की उम्र में एक अस्थि मज्जा रोग के कारण मृत्यु हो गई।

युवावस्था में, लीना ने डॉ. लोज़ादा के लीमा में स्थित क्लिनिक में एक सचिव के रूप में काम किया, जिन्होने उसे और उसके बेटे को शिक्षा प्राप्त करने में मदद की।  बाद में लीना ने राउल जुरादो से विवाह किया जो 1972 में जन्मे उसके दूसरे बेटे का पिता बना। 2002 तक यह दंपत्ति लीमा की एक गरीब बस्ती “शिकागो चिको” में रहते थे।

 

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